देहरादून: स्कूल परिसर में चल रहे सेक्स रैकेट में बड़ा खुलासा, कमरे से मिली ‘रेट लिस्ट’ और HIV की दवाइयां
देहरादून: स्कूल परिसर में चल रहे सेक्स रैकेट में बड़ा खुलासा, कमरे से मिली ‘रेट लिस्ट’ और HIV की दवाइयां
राजधानी देहरादून के कैंट थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल के परिसर में चल रहे जिस्मफरोशी के धंधे का भंडाफोड़ होने के बाद अब कई चौंकाने वाले और बेहद गंभीर राज सामने आ रहे हैं। पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) द्वारा की गई छापेमारी के दौरान मौके से देह व्यापार की बाकायदा एक ‘रेट लिस्ट’ (रजिस्टर) बरामद की गई है।
इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि तलाशी के दौरान कमरे से एचआईवी (HIV) एड्स के इलाज से जुड़ी दवाइयां भी मिली हैं। इस खुलासे के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गए हैं और मामले की पड़ताल काफी तेज कर दी गई है।
रजिस्टर में दर्ज था पूरा हिसाब, ‘फुल नाइट’ के थे 6500 रुपये
किशन नगर क्षेत्र की पार्षद नंदिनी शर्मा ने इस संबंध में विस्तृत जानकारियां साझा की हैं। उनके अनुसार, बुधवार को जब हिंदू संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से इस रैकेट का पर्दाफाश हुआ, तो मौके से मिले रजिस्टर ने सारे राज खोल दिए:
ग्राहकों की रोजाना एंट्री: रजिस्टर में 1 मई से 12 मई तक का पूरा ब्योरा दर्ज है। इसमें साफ लिखा है कि किस तारीख को कितने ग्राहक आए और वे किस लड़की के पास गए।
रोजाना आते थे 5 से 6 ग्राहक: शुरुआती जांच और एंट्रीज के आधार पर यह आशंका है कि यहां हर दिन करीब 5 से 6 ग्राहक आते थे। रजिस्टर में तीन लड़कियों के नामों के आगे तारीखवार रकम लिखी गई है।
रेट लिस्ट का खुलासा: रजिस्टर के ब्योरे के मुताबिक, इस अनैतिक धंधे में ‘फुल नाइट’ (पूरी रात) के लिए ग्राहकों से 6,500 रुपये तक वसूले जाते थे।
रेस्क्यू की गई लड़कियों का होगा मेडिकल टेस्ट, एक पीड़िता के HIV पॉजिटिव होने की आशंका
कमरे से एचआईवी (HIV) की दवाइयां मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। पार्षद नंदिनी शर्मा ने आशंका जताई है कि रैकेट से जुड़ी लड़कियों में से कोई एक एचआईवी पॉजिटिव हो सकती है, जो यहां आने वाले ग्राहकों के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
कैंट थाना प्रभारी शंकर बिष्ट ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया:
”स्कूल परिसर के कमरे से जो भी सामान और लिस्ट बरामद हुई थी, उसे जब्त कर जांच की जा रही है। मौके से मिली एचआईवी की दवाइयों को जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग भेज दिया गया है। पार्षद द्वारा जताए गए अंदेशे को देखते हुए, रेस्क्यू कराई गई सभी लड़कियों से संपर्क कर उनका विस्तृत मेडिकल और एचआईवी टेस्ट कराया जाएगा।”
काम दिलाने के बहाने दूसरे राज्यों से बुलाई जाती थीं लड़कियां
यह पूरा मामला बीती 14 मई को तब सामने आया जब किशन नगर एक्सटेंशन में स्थित एक स्कूल परिसर के पिछले हिस्से में बने कमरों में छापा मारा गया।
गिरफ्तारी और रेस्क्यू: पुलिस ने मौके से संचालक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि 3 जरूरतमंद महिलाओं को इस दलदल से रेस्क्यू कराया गया।
पीड़िताओं की पृष्ठभूमि: जांच में पता चला है कि आरोपी जरूरतमंद महिलाओं को नौकरी और काम दिलाने के बहाने अन्य राज्यों से देहरादून बुलाते थे और फिर उन्हें जबरन इस अनैतिक व्यापार में धकेल देते थे। रेस्क्यू की गई महिलाएं मेरठ, मुजफ्फरनगर और दिल्ली की रहने वाली हैं।
मकान मालिक ने नहीं कराया था वेरिफिकेशन, पहले भी पकड़े गए थे बांग्लादेशी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह स्कूल करीब एक साल पहले ही शुरू हुआ था। जिस मकान में यह गतिविधि चल रही थी, उसका असली मालिक तमिलनाडु में रहता है। उसने मकान का एक हिस्सा स्कूल चलाने के लिए एक दंपति को दिया था, जबकि ठीक पीछे के दो कमरे देहरादून के ही कुलदीप कुमार नामक व्यक्ति को किराए पर दे रखे थे, जहां यह रैकेट चल रहा था।
होगी सख्त कार्रवाई:
मकान मालिक ने नियमों को ताक पर रखकर किसी भी किराएदार का पुलिस सत्यापन (Police Verification) नहीं कराया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इससे पहले भी इसी मकान से बिना सत्यापन के रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने साफ किया है कि इन सभी बिंदुओं की गहनता से जांच की जा रही है और पुलिस नियमों के उल्लंघन व लापरवाही बरतने के आरोप में मकान मालिक के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
