Friday, July 3, 2026
Latest:
उत्तराखंडराजनीति

उत्तराखंड: पौड़ी के जंगलों में धधकती आग देख रुके सांसद अनिल बलूनी, रास्ते से ही वन विभाग को दिए सख्त निर्देश

उत्तराखंड: पौड़ी के जंगलों में धधकती आग देख रुके सांसद अनिल बलूनी, रास्ते से ही वन विभाग को दिए सख्त निर्देश

​उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के बीच पहाड़ी इलाकों के जंगलों से वनाग्नि (जंगल की आग) की डराने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। इस बीच, गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद अनिल बलूनी (MP Anil Baluni) ने पौड़ी जनपद के जंगलों में लगी भीषण आग की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है।

​अहम बात यह रही कि दिशा (DISHA) समिति की बैठक संपन्न होने के बाद जब सांसद बलूनी पौड़ी से कोटद्वार लौट रहे थे, तभी रास्ते में उन्हें जंगलों में धधकती आग दिखाई दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और मौके से ही वन विभाग के उच्चाधिकारियों को फोन घुमाकर आग पर जल्द से जल्द काबू पाने के कड़े निर्देश दिए।

​पौड़ी-सतपुली मार्ग पर सड़क तक पहुंचीं आग की लपटें

​मिली जानकारी के अनुसार, पौड़ी में आयोजित समीक्षा बैठक के समापन के बाद जब सांसद अनिल बलूनी कोटद्वार के लिए रवाना हुए, तो पौड़ी–सतपुली मुख्य मार्ग पर उन्हें वनाग्नि का बेहद विकराल रूप देखने को मिला।

​सड़क तक आई आग: सूखे पत्तों और तेज हवाओं के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि कई स्थानों पर इसकी लपटें और धुएं का गुबार मुख्य सड़क तक पहुंच गया, जिससे वहां से गुजरने वाले वाहनों और जनजीवन के लिए खतरा पैदा हो गया।

​अमूर्त धरोहर को नुकसान: सांसद बलूनी ने कहा कि उत्तराखंड की वन संपदा हमारी अमूल्य धरोहर है। वन केवल हमारी प्राकृतिक पहचान ही नहीं हैं, बल्कि पहाड़ के जीवन, जल स्रोतों, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का मुख्य आधार हैं। ऐसी घटनाओं से हमारी बहुमूल्य वन संपदा और वन्य जीवों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

​जनसहयोग की अपील: “नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाएं”

​जंगलों को इस भीषण तबाही से बचाने के लिए सांसद ने प्रशासनिक मुस्तैदी के साथ-साथ जनसहयोग को भी बेहद जरूरी बताया। उन्होंने आम जनता और स्थानीय ग्रामीणों से भावुक अपील करते हुए कहा:

​”जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए सभी नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझें। पहाड़ों में इस मौसम में किसी भी प्रकार की लापरवाही (जैसे जलती बीड़ी-सिगरेट फेंकना या खेतों की सूखी घास में अनियंत्रित आग लगाना) से बचें। अगर कहीं भी आग दिखती है, तो तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दें।”

​अलर्ट पर वन विभाग, तैनात किए गए ‘फायर वॉचर’

​सांसद के कड़े निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। आग प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सुरक्षा के उपाय बढ़ा दिए गए हैं।

​इस संबंध में जानकारी देते हुए डीएफओ सिविल सोयम (DFO Civil Soyam) पवन नेगी ने बताया:

​विभाग को जिन भी स्थानों से वनाग्नि की सूचना मिल रही है, वहां वन कर्मियों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर आधुनिक उपकरणों की मदद से आग पर काबू पा रही हैं।

​जंगलों की निगरानी और आग की शुरुआती घटनाओं को तुरंत पकड़ने के लिए पूरे क्षेत्र में विशेष फायर वॉचर (Fire Watchers) भी नियुक्त किए गए हैं, जो चौबीसों घंटे संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *