कनाडा के सरे में गैंगस्टरों पर पुलिस का बड़ा प्रहार: संदिग्धों की तस्वीरें जारी, अपराधियों पर 1 लाख डॉलर का इनाम
कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत का सरे शहर इन दिनों गैंगवार, जबरन वसूली (Extortion) और फायरिंग की घटनाओं से थर्राया हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरे पुलिस सर्विस (SPS) ने अब ‘आर-पार’ की लड़ाई का मन बना लिया है। पुलिस ने न केवल संदिग्धों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं, बल्कि अपराधियों को पकड़वाने के लिए भारी इनाम की भी घोषणा की है।
कनाडा के सरे में गैंगस्टरों पर पुलिस का बड़ा प्रहार: संदिग्धों की तस्वीरें जारी, अपराधियों पर 1 लाख डॉलर का इनाम
कनाडा में पंजाबी और भारतीय मूल के कारोबारियों को निशाना बना रहे उगाही नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सरे पुलिस ने एक व्यापक अभियान शुरू किया है। पुलिस ने कई ऐसे आरोपियों की पहचान और तस्वीरें जारी की हैं, जो व्यापारियों को डराने-धमकाने और गोलीबारी की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
प्रमुख संदिग्धों पर कार्रवाई: दो को किया गया डिपोर्ट
सरे पुलिस ने जिन लोगों की सूची जारी की है, उनमें प्राभजोत सिंह (20 वर्ष) और लवबीर सिंह के नाम प्रमुख हैं।
ये दोनों भारतीय नागरिक थे और इन पर एक्सटॉर्शन नेटवर्क से जुड़े होने का गंभीर शक था।
कनाडाई इमिग्रेशन नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी (CBSA) ने इन दोनों को कनाडा से बाहर (Deprt) भेज दिया है।
फायरिंग और हथियार रखने के आरोपी
पुलिस ने गोलीबारी और अवैध हथियारों के मामलों में भी कई पंजाबी मूल के युवकों की तस्वीरें जारी की हैं:
हरजोत सिंह, तरनवीर सिंह और दयाजीत सिंह बिलिंग: इन तीनों पर रिहायशी इलाकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर फायरिंग करने का आरोप है। इनके खिलाफ क्रिमिनल कोड की धारा 244.2(1)(a) के तहत केस दर्ज किया गया है।
हर्षदीप सिंह और हंसप्रीत सिंह: इन दोनों पर अवैध हथियार रखने और संदिग्ध वाहनों में मौजूद रहने के आरोप हैं।
उगाही का खौफनाक पैटर्न
जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ महीनों में सरे, ब्रैम्पटन और वैंकूवर के पंजाबी कारोबारियों, बिल्डरों और ट्रांसपोर्टरों को विदेश में बैठे गैंगस्टरों के नाम पर धमकी भरे फोन आ रहे हैं। करोड़ों रुपये की रंगदारी न देने पर उनके घरों और दफ्तरों पर गोलियां चलाई जा रही हैं। अपराधी पहचान छुपाने के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप्स और इंटरनेट कॉलिंग का सहारा ले रहे हैं।
पुलिस की विशेष पहल: टिप लाइन और रिवॉर्ड फंड
सरे प्रशासन और पुलिस ने जनता का विश्वास जीतने और डर खत्म करने के लिए कई कदम उठाए हैं:
रिवॉर्ड फंड: एक्सटॉर्शन नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए 2 लाख 50 हजार कनाडाई डॉलर का विशेष फंड बनाया गया है।
इनाम: सटीक जानकारी देने वाले को 1 लाख डॉलर (लगभग 61 लाख रुपये) तक का इनाम दिया जा सकता है।
Extortion Tip Line: सूचना देने वालों के लिए एक विशेष हेल्पलाइन शुरू की गई है, जहाँ पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
बहुभाषी सहायता और सुरक्षा
सरे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनके पास विभिन्न भाषाओं (पंजाबी समेत) में बात करने वाले विशेषज्ञ मौजूद हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे डर के साये से बाहर निकलें और अपराधियों के नेटवर्क को खत्म करने में प्रशासन की मदद करें।
कनाडा में बढ़ती इस हिंसा और गैंग कल्चर ने भारतीय समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब देखना यह है कि पुलिस की इस सख्ती और ‘तस्वीरें सार्वजनिक’ करने के कदम से अपराधों में कितनी कमी आती है।
