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सावधान! कार खरीदना होगा अब और भी महंगा, जीएसटी रियायतों का दौर हुआ खत्म

सावधान! कार खरीदना होगा अब और भी महंगा, जीएसटी रियायतों का दौर हुआ खत्म

​नई दिल्ली: ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर आप नई गाड़ी खरीदने का सपना देख रहे हैं, तो अब आपको अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। लंबे समय से मिल रही जीएसटी (GST) छूट और रियायतों का असर अब पूरी तरह खत्म होने जा रहा है, जिससे गाड़ियों की कीमतों में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं।

​क्यों लग रहा है कीमतों को ‘करंट’?

​जानकारों का मानना है कि ऑटो सेक्टर में आई इस तेजी के पीछे कई तकनीकी और आर्थिक कारण हैं:

​टैक्स का बढ़ता बोझ: सरकार द्वारा पिछले सत्रों में दी गई अस्थाई टैक्स राहत की समय सीमा समाप्त हो रही है। अब कंपनियों को पुराने नियमों के तहत ही टैक्स देना होगा, जिसका सीधा बोझ ग्राहकों पर डाला जाएगा।

​लागत में इजाफा: गाड़ियों को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, जैसे स्टील और एल्युमीनियम की कीमतों में वैश्विक स्तर पर उछाल आया है। इसके अलावा, नई टेक्नोलॉजी और सेफ्टी फीचर्स को अनिवार्य किए जाने से भी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ गई है।

​सब्सिडी का अंत: खास तौर पर हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली रियायतों को धीरे-धीरे कम किया जा रहा है, जिससे आने वाले महीनों में इनके दाम भी बढ़ सकते हैं।

​बजट पर पड़ेगा सीधा असर

​बाजार के विशेषज्ञों का अनुमान है कि एंट्री-लेवल की कारों से लेकर लग्जरी एसयूवी तक की कीमतों में 2% से लेकर 5% तक की वृद्धि हो सकती है। इसका मतलब है कि एक मध्यमवर्गीय परिवार की कार पर कम से कम 30,000 से 50,000 रुपये तक का अतिरिक्त भार पड़ सकता है।

​क्या अब भी है मौका?

​ऑटो डीलर्स का कहना है कि जो ग्राहक पुरानी कीमतों पर गाड़ी बुक करना चाहते हैं, उनके पास यही सही समय है। स्टॉक खत्म होने से पहले और नई दरें लागू होने से पहले खरीदारी करना ही फायदे का सौदा होगा।

​मुख्य बिंदु:

​जीएसटी छूट का लाभ अब समाप्त हो रहा है।

​कंपनियों ने लागत बढ़ने का हवाला देकर कीमतें बढ़ाने की तैयारी की।

​बजट और प्रीमियम दोनों सेगमेंट की गाड़ियां महंगी होंगी।

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