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मई में मानसून जैसा माहौल! 9 वेदर सिस्टम हुए एक्टिव, जानिए क्यों अचानक बदला मौसम का मिजाज

मई में मानसून जैसा माहौल! 9 वेदर सिस्टम हुए एक्टिव, जानिए क्यों अचानक बदला मौसम का मिजाज

​नई दिल्ली: मई का महीना आमतौर पर भीषण गर्मी और लू (Loo) के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार देश के कई हिस्सों में नजारा बिल्कुल अलग है। चिलचिलाती धूप की जगह बादल, बारिश और ठंडी हवाओं ने डेरा डाल रखा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक साथ 9 वेदर सिस्टम के सक्रिय होने के कारण मौसम का यह अनोखा मिजाज देखने को मिल रहा है।

​क्यों फेल हुई मई की गर्मी?

​मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, वर्तमान में वायुमंडल में कई हलचलें एक साथ हो रही हैं, जिससे प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं:

​वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ): उत्तर भारत में एक के बाद एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आ रहे हैं। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और बारिश का असर मैदानी इलाकों के तापमान को गिरने पर मजबूर कर रहा है।

​साइक्लोनिक सर्कुलेशन: राजस्थान, मध्य प्रदेश और बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती हवाओं का घेरा बना हुआ है। ये सिस्टम नमी को अपनी ओर खींच रहे हैं, जिससे बादल बन रहे हैं।

​ट्रफ लाइन का प्रभाव: देश के मध्य भाग से लेकर दक्षिण तक एक ‘ट्रफ लाइन’ (कम दबाव की रेखा) गुज़र रही है। यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं को आपस में मिला रही है, जिससे अचानक गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है।

​इन राज्यों में दिखेगा सबसे ज्यादा असर

​9 सिस्टम एक्टिव होने के कारण देश का लगभग हर हिस्सा प्रभावित है:

​उत्तर भारत: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और यूपी में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश से तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री नीचे रहेगा।

​मध्य और दक्षिण भारत: कर्नाटक, केरल और मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

​पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

​क्या ये मानसून की दस्तक है?

​हालांकि यह मौसम मानसून जैसा लग रहा है, लेकिन विशेषज्ञ इसे ‘प्री-मानसून शावर’ ही कह रहे हैं। अरब सागर से उठने वाली नमी और स्थानीय स्तर पर बने दबाव के कारण ये 9 सिस्टम इतने ताकतवर हो गए हैं कि इन्होंने भीषण गर्मी को फिलहाल रोक कर रखा है।

​राहत के साथ आफत भी

​इस बदले मौसम ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का विषय है। खुले में पड़ी फसलों और आम की पैदावार को इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान पहुँचने की आशंका है।

​मौसम की मुख्य बातें:

​एक साथ 9 मौसमी प्रणालियां (Systems) काम कर रही हैं।

​अगले 4-5 दिनों तक लू चलने की कोई संभावना नहीं है।

​बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी आ रही है।

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