विनेश फोगाट WFI विवाद के बीच गोंडा पहुंचीं, पात्रता पर जोर; महासंघ बोला- जवाब अधूरा
विनेश फोगाट WFI विवाद के बीच गोंडा पहुंचीं, पात्रता पर जोर; महासंघ बोला- जवाब अधूरा
गोंडा: भारतीय कुश्ती की दिग्गज पहलवान और कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट सोमवार को उत्तर प्रदेश के गोंडा पहुंच गईं। Wrestling Federation of India (WFI) के साथ चले आ रहे तनाव के बावजूद उन्होंने नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में भाग लेने का दावा किया और महासंघ पर पक्षपात का आरोप लगाया।
विनेश ने आयोध्या होते हुए गोंडा पहुंचकर WFI के शो-कॉज नोटिस का जवाब देते हुए साफ कहा कि वे 2026 सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट (नंदिनी नगर) में प्रतिस्पर्धा करने की पूरी तरह पात्र हैं। उन्होंने WADA कोड के नियम 5.6.1 को अपने मामले में लागू न बताते हुए कहा कि उन्होंने जून 2025 में ही United World Wrestling (UWW) को अपनी वापसी की सूचना दे दी थी।
विनेश का बयान:
“मैंने समय पर रजिस्ट्रेशन कराया था। नियमों का पालन किया है और मैं इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की हकदार हूं।”
WFI ने शनिवार को विनेश को 15 पेज का विस्तृत शो-कॉज नोटिस जारी किया था, जिसमें पेरिस ओलंपिक के दौरान वजन विवाद, अनुशासनहीनता, एंटी-डोपिंग प्रक्रिया के कथित उल्लंघन और भारतीय कुश्ती की छवि खराब करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। फेडरेशन ने उन्हें 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं से अयोग्य घोषित कर दिया था।
WFI सूत्रों ने विनेश के जवाब को अधूरा बताते हुए कहा, “जवाब संतोषजनक नहीं है। अनुशासनात्मक सुनवाई पूरी होने तक उन्हें प्रतिस्पर्धा की अनुमति नहीं दी जा सकती।”
विनेश इससे पहले गोंडा टूर्नामेंट की निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर चिंता जता चुकी हैं। उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह के गढ़ में आयोजन पर सवाल उठाए थे और कहा था कि वहां मानसिक दबाव और पक्षपात का खतरा है। अब पहुंचकर उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई है।
पृष्ठभूमि:
पेरिस ओलंपिक 2024 में 50 किग्रा वर्ग में 100 ग्राम ओवरवेट होने के कारण डिस्क्वालीफाई होने के बाद विनेश ने संन्यास का ऐलान किया था, जिसे बाद में वापस ले लिया। दिसंबर 2025 में मां बनने के बाद उन्होंने 57 किग्रा वर्ग में comeback की तैयारी की थी। यह टूर्नामेंट उनके करियर के लिए अहम माना जा रहा था।
वर्तमान में टूर्नामेंट चल रहा है और विनेश की पात्रता को लेकर विवाद जारी है। पूरा कुश्ती जगत इस मामले पर नजरें टिकाए हुए है।
यह घटनाक्रम भारतीय कुश्ती में खिलाड़ी और फेडरेशन के बीच बढ़ते तनाव को फिर उजागर करता है। विनेश की इस लड़ाई को कई लोग साहस की मिसाल मान रहे हैं, जबकि WFI इसे अनुशासन का मुद्दा बता रहा है।
