उत्तराखंड

​देहरादून: महिला आरक्षण पर ‘रणभेरी’, सीएम धामी के नेतृत्व में उमड़ी हजारों महिलाओं की मशाल यात्रा

​देहरादून: महिला आरक्षण पर ‘रणभेरी’, सीएम धामी के नेतृत्व में उमड़ी हजारों महिलाओं की मशाल यात्रा

​विशेष संवाददाता, देहरादून राजधानी देहरादून की सड़कें मंगलवार शाम मशालों की रोशनी और नारी शक्ति के नारों से गूंज उठीं। गांधी पार्क से घंटाघर तक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयोजित ‘महिला आक्रोश मशाल यात्रा’ ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। महिला आरक्षण बिल के प्रावधानों को लेकर उपजे विवाद और विपक्ष के रुख के विरोध में हजारों की संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतरीं।

​गांधी पार्क से घंटाघर तक प्रचंड प्रदर्शन

​शाम होते ही गांधी पार्क के बाहर हजारों की संख्या में माताएं, बहनें और बेटियां एकत्रित हुईं। मुख्यमंत्री धामी ने मशाल थामकर यात्रा का नेतृत्व किया। यात्रा के दौरान “अब नारी चुप नहीं रहेगी” के नारों के साथ महिलाओं ने अपने अधिकारों के प्रति सजगता का परिचय दिया। इस आयोजन को प्रदेश की राजनीति में नारी शक्ति के ‘निर्णायक शक्ति’ के रूप में उभरने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

​सीएम धामी का प्रहार: ‘विपक्ष की मानसिकता महिला विरोधी’

​मशाल यात्रा के समापन पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर तीखे हमले किए:

​जनाक्रोश की मशाल: सीएम ने कहा, “यह यात्रा केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि उन ताकतों के खिलाफ जनाक्रोश है जो दशकों से महिलाओं के अधिकारों में बाधा डाल रही हैं।”

​विपक्ष पर आरोप: उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का नाम लिए बिना कहा कि कुछ दल महिलाओं के आरक्षण को केवल राजनीतिक मुद्दा बनाकर रखना चाहते हैं। उन्होंने इसे ‘परिवारवादी राजनीति’ की असहजता करार दिया।

​ऐतिहासिक प्रयास: सीएम ने केंद्र सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब नीतियां कागजों से निकलकर जमीन पर दिख रही हैं।

​’नई सदी की जागरूक नारी’

​मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि आज की भारतीय नारी केवल दर्शक नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली शक्ति बन चुकी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो दल महिलाओं को उनके वास्तविक अधिकारों से वंचित रखना चाहते हैं, उन्हें आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब मिलेगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार मातृशक्ति के सम्मान और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

​प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी

​इस विशाल मशाल यात्रा में मुख्यमंत्री के साथ कई दिग्गज नेता और जनप्रतिनिधि शामिल रहे, जिनमें प्रमुख हैं:

​राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट

​कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य

​विधायक सविता कपूर

​प्रदेश अध्यक्ष (महिला मोर्चा) आशा नौटियाल

​निष्कर्ष: देहरादून की इस मशाल यात्रा ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में महिला आरक्षण और सशक्तिकरण का मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति का केंद्र बिंदु बना रहेगा। यह आयोजन विरोध से अधिक एक ‘संकल्प’ के रूप में उभरा, जहां नारी शक्ति अपनी भागीदारी के लिए निर्णायक भूमिका निभाने को तैयार दिखी।

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