उत्तराखंड

केदारनाथ यात्रा को बदनाम करने की साजिश बेनकाब: वायरल वीडियो निकला 3 साल पुराना, हेली टिकट ठगों को जेल

केदारनाथ यात्रा को बदनाम करने की साजिश बेनकाब: वायरल वीडियो निकला 3 साल पुराना, हेली टिकट ठगों को जेल

​विशेष संवाददाता, रुद्रप्रयाग केदारनाथ यात्रा 2026 की ऐतिहासिक सफलता के बीच सोशल मीडिया पर यात्रा की छवि धूमिल करने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। घोड़े-खच्चरों से जुड़ा जो वीडियो हाल के दिनों में वायरल किया जा रहा था, वह जिला प्रशासन की जांच में पूरी तरह फर्जी और तीन साल पुराना पाया गया है। वहीं दूसरी ओर, यात्रा के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ भी न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है।

​साजिश का पर्दाफाश: टैग नंबर से खुली पोल

​पिछले कुछ दिनों से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा था, जिसमें घोड़े-खच्चरों के साथ क्रूरता का दावा किया गया था। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देश पर जब इसकी जमीनी जांच की गई, तो सच्चाई कुछ और ही निकली:

​टैग वेरिफिकेशन: मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत ने वीडियो में दिख रहे पशु के टैग नंबर की जांच की। रिकॉर्ड के अनुसार, वह पशु पिछले तीन वर्षों से यात्रा में पंजीकृत ही नहीं है।

​ग्राउंड रिपोर्ट: सेक्टर अधिकारियों और पशु चिकित्सा टीम ने गौरीकुंड से लेकर लिनचोली तक पूरे पैदल मार्ग की तलाशी ली, लेकिन वीडियो में दिखाया गया कोई भी पशु मार्ग पर नहीं मिला।

​चेतावनी: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह वीडियो श्रद्धालुओं में भय फैलाने के लिए जानबूझकर वायरल किया गया है। भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​हेली टिकट ठगों को मिली 3-3 साल की सजा

​केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर मासूम श्रद्धालुओं को ठगने वाले गिरोह पर कानून का डंडा चला है। न्यायिक मजिस्ट्रेट उखीमठ सन्तोष पच्छिमी की अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है।

​सजा का विवरण:

​अभियुक्त: विकास कुमार, सौरभ सिंह और पुनीत कुमार।

​सजा: धारा 420 के तहत तीनों को 3-3 वर्ष का कठोर कारावास और ₹10,000 का जुर्माना।

​साजिश: आपराधिक षड्यंत्र (120B) के तहत 6-6 माह की अतिरिक्त कैद और ₹5,000 का जुर्माना।

​प्रशासन का आश्वासन: सुचारू है यात्रा

​जिला प्रशासन ने देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्रियों को भरोसा दिलाया है कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा, साफ-सफाई और पशु प्रबंधन के इंतजाम पूरी तरह सुदृढ़ हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के किसी भी सूचना पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी को ही साझा करें।

​”यात्रा की छवि को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम तकनीक और सतर्कता के जरिए हर भ्रामक सूचना और अपराध का जवाब दे रहे हैं।” — जिला प्रशासन, रुद्रप्रयाग

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