चारधाम यात्रा उत्तराखंड की लाइफलाइन, नकारात्मकता से बचें: विधानसभा सत्र में सीएम धामी की दोटूक
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की लाइफलाइन, नकारात्मकता से बचें: विधानसभा सत्र में सीएम धामी की दोटूक
विशेष संवाददाता, देहरादून उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा, प्रदेश में गैस की स्थिति और शिक्षा सुधारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि प्रदेश की आर्थिकी का मुख्य आधार भी है।
चारधाम यात्रा: ‘राजनीति नहीं, आस्था का सम्मान करें’
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर चारधाम यात्रा को लेकर बनाई जा रही नकारात्मक रील्स और भ्रामक प्रचार पर चिंता व्यक्त की।
विपक्ष को नसीहत: सीएम ने कहा, “आप सरकार या बीकेटीसी (BKTC) का विरोध कर सकते हैं, लेकिन हमारी पवित्र यात्रा को राजनीति की भेंट न चढ़ाएं। यह यात्रा प्रदेश की आर्थिकी की ‘लाइफलाइन’ है।”
सुरक्षित यात्रा का संकल्प: उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर यात्री की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए प्रतिबद्ध है और महादेव के धाम में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है।
गैस संकट पर स्पष्टीकरण: ‘घबराने की जरूरत नहीं’
प्रदेश में गैस की कमी की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कोई गैस संकट नहीं है।
वैश्विक संदर्भ: उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण पूरी दुनिया प्रभावित है, लेकिन भारत का नेतृत्व सुरक्षित हाथों में है।
केंद्रीय समन्वय: सीएम ने जानकारी दी कि हाल ही में उनकी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से मुलाकात हुई है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे हमने महामारी को मात दी, वैसे ही हर वैश्विक चुनौती से निपटने में भारत सक्षम है।
मदरसा शिक्षा: ‘हाथ में कुरान और दूसरे में लैपटॉप’
शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने मदरसा बोर्ड में किए गए सुधारों पर प्रकाश डाला।
आधुनिक शिक्षा पर जोर: सीएम ने कहा, “मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को भी साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का लाभ मिलना चाहिए। हम शिक्षा के नाम पर समाज को बांटना नहीं चाहते।”
सबका साथ-विकास: उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के मामले में कोई अल्पसंख्यक या बहुसंख्यक नहीं है, बल्कि हर बच्चे को आधुनिक शिक्षा का अधिकार है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भरोसा
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय और मांगों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी ही सरकार है जिसने समय-समय पर मानदेय में वृद्धि की है।
भविष्य की योजना: उन्होंने कहा कि कार्यकत्रियों को सरकार से काफी उम्मीदें हैं और उनकी जायज मांगों को भविष्य में भी हमारी सरकार ही पूरा करेगी।
”इतिहास से सबक लेते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं। यदि इतिहास में कुछ गलत हुआ है, तो उसे सुधारना और बताना हमारी जिम्मेदारी है।” — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
