उत्तराखंड में ‘हीट वेव’ पर धामी सरकार का महाप्लान: स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ और अस्पतालों में बनेंगे स्पेशल वार्ड
उत्तराखंड में ‘हीट वेव’ पर धामी सरकार का महाप्लान: स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ और अस्पतालों में बनेंगे स्पेशल वार्ड
विशेष संवाददाता, देहरादून उत्तराखंड में तेजी से बढ़ते पारे और लू के जानलेवा प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों के लिए विस्तृत ‘हीट वेव एडवाइजरी’ जारी करते हुए युद्धस्तर पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग तक को सख्त गाइडलाइंस का पालन करने को कहा गया है।
नौनिहालों की सुरक्षा: स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ और बदला समय भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर न पड़े, इसके लिए शिक्षा विभाग को कड़े निर्देश दिए गए हैं:
वॉटर बेल: स्कूलों में अब निश्चित अंतराल पर ‘वॉटर बेल’ बजेगी, जिसके दौरान सभी छात्रों के लिए पानी पीना अनिवार्य होगा ताकि वे डिहाइड्रेशन से बच सकें।
समय में बदलाव: तापमान बढ़ने पर स्कूलों के पठन-पाठन के समय को तुरंत बदलने के निर्देश दिए गए हैं।
अनिवार्य किट: हर स्कूल में ओआरएस (ORS) और प्राथमिक उपचार किट रखना अनिवार्य होगा। कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करना होगा।
स्वास्थ्य विभाग: अस्पतालों में ‘डेडिकेटेड वार्ड’ आरक्षित चिकित्सा विभाग को अलर्ट करते हुए शासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिला अस्पतालों, पीएचसी और सीएचसी में लू से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष वार्ड आरक्षित किए जाएं।
तैयारी: एम्बुलेंस और अस्पतालों में आइस पैक व ओआरएस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशिक्षण: आशा वर्कर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे गांवों में हीट स्ट्रोक के लक्षणों की पहचान कर तुरंत उपचार कर सकें।
मजदूरों और आम जनता के लिए राहत * काम के घंटों में बदलाव: श्रम और खनन विभाग को निर्देश हैं कि भीषण धूप के दौरान श्रमिकों के काम करने के समय को बदला जाए। कार्यस्थलों पर पेयजल और शेड (छाया) की व्यवस्था नियोक्ताओं को करनी होगी।
शहरी सुविधाएं: सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में पेयजल आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। नगर निकायों के पार्क आम जनता के लिए खुले रहेंगे और संवेदनशील इलाकों में टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
बिजली-पानी की किल्लत और वनाग्नि पर नजर गर्मी के कारण बिजली और पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा और पेयजल विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं:
निर्बाध आपूर्ति: बिजली विभाग को अतिरिक्त ट्रांसफार्मर का स्टॉक रखने और पेयजल विभाग को खराब नलकूपों की तुरंत मरम्मत करने को कहा गया है।
वनाग्नि सुरक्षा: वन विभाग इस बार ड्रोन पेट्रोलिंग और ‘सचेत एप’ के जरिए जंगलों की आग पर नजर रखेगा। चारधाम यात्रा मार्ग पर फायर हाइड्रेंट्स को हमेशा चालू हालत में रखने के निर्देश हैं।
”सरकार हीट वेव को लेकर पूरी तरह सतर्क है। हमने सभी संबंधित विभागों के साथ चर्चा कर विस्तृत गाइडलाइंस जारी की हैं। जनता से अपील है कि वे सरकारी एडवाइजरी का पालन करें और दोपहर के समय निकलने से बचें।”
— विनोद कुमार सुमन, सचिव (आपदा प्रबंधन)
आपात स्थिति में क्या करें? शासन ने लोगों से हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और पर्याप्त पानी पीने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला आपदा परिचालन केंद्र (24×7 कंट्रोल रूम) से संपर्क किया जा सकता है।
