तमिलनाडु में सियासी सरगर्मी: स्टालिन का दावा— “3 से 6 महीने में गिर जाएगी विजय की अल्पमत सरकार”, DMK कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में आने के निर्देश
तमिलनाडु में सियासी सरगर्मी: स्टालिन का दावा— “3 से 6 महीने में गिर जाएगी विजय की अल्पमत सरकार”, DMK कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में आने के निर्देश
चेन्नई (तमिलनाडु): तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक शह और मात का खेल तेज हो गया है। द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सत्ताधारी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) की नई सरकार को लेकर एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है। स्टालिन का कहना है कि नवनियुक्त मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (Thalapathy Vijay) के नेतृत्व वाली यह सरकार अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी और अगले 3 से 6 महीनों के भीतर गिर सकती है।
”जनता ने TVK को पूरा जनादेश नहीं दिया” — स्टालिन
चेन्नई में आयोजित एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में, जहां अन्य दलों के कार्यकर्ताओं ने DMK की सदस्यता ली, एम.के. स्टालिन ने विजय सरकार के संख्या बल पर सीधा हमला बोला।
पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन ने सरकार के राजनीतिक गुणा-गणित को समझाते हुए कहा:
”मौजूदा सत्ताधारी पार्टी (TVK) के पास स्वतंत्र रूप से शासन करने के लिए जनता का पूरा जनादेश नहीं है। राज्य में साधारण बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता होती है, जबकि विजय की पार्टी को महज 108 सीटें ही मिली हैं। असलियत यह है कि तमिलनाडु के लोग चाहते थे कि DMK सरकार बनाए, लेकिन यह सरकार केवल कुछ पार्टियों के रणनीतिक तालमेल और बैसाखी के सहारे चल पा रही है.”
सहयोगियों के पाला बदलने से डगमगाया समीकरण
तमिलनाडु के इतिहास में पहली बार त्रिशंकु विधानसभा (Hung Assembly) की स्थिति देखने को मिली है। चुनाव में साधारण बहुमत से चूकने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने अन्य दलों की मदद से समर्थन जुटाया है:
DMK का साथ छोड़ TVK खेमे में शामिल दल: कांग्रेस (INC), वामपंथी दल (Left Parties), वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) हाल तक DMK के प्रगतिशील गठबंधन (SPA) का हिस्सा थे। लेकिन चुनाव के बाद विजय को समर्थन देने के लिए इन्होंने द्रविड़ राजनीति की इस सबसे बड़ी पार्टी से नाता तोड़ लिया।
MDMK का भी मिला साथ: शनिवार को वाइको के नेतृत्व वाली एमडीएमके (MDMK) भी सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस से बाहर हो गई और उसने सत्ताधारी TVK को अपना समर्थन दे दिया।
इसी का हवाला देते हुए स्टालिन ने इस गठबंधन को ‘अस्थिर व्यवस्था’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह गाड़ी किस मोड़ पर अपना संतुलन खो देगी, इसका कोई भरोसा नहीं है।
कार्यकर्ताओं से अपील: “3 या 6 महीने में हो सकते हैं चुनाव, तैयार रहें”
एम.के. स्टालिन ने स्पष्ट संकेत दिए कि राज्य में मध्यावधि चुनाव (Mid-term Elections) की नौबत जल्द आ सकती है। उन्होंने वहां मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं से कहा कि वे 5 साल के लंबे चक्र का इंतजार करने के बजाय अभी से पूरी तरह चुनावी मोड में आ जाएं।
DMK की रणनीति:
स्टालिन ने जोर देकर कहा कि चुनाव की तारीखों की घोषणा होने के बाद तैयारी शुरू करने का समय नहीं रहेगा। कार्यकर्ताओं को इसी पल से जमीनी स्तर पर काम शुरू कर देना चाहिए ताकि DMK सत्ता में जोरदार वापसी कर सके। इस आक्रामक रुख से साफ है कि तमिलनाडु की राजनीति में आने वाले दिन काफी उथल-पुथल भरे होने वाले हैं।
