Monday, June 29, 2026
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फ्रांस में हीटवेव का कहर: दो दौर में 1,000 से अधिक मौतें, जुलाई में तीसरी भीषण लू की चेतावनी

फ्रांस में हीटवेव का कहर: दो दौर में 1,000 से अधिक मौतें, जुलाई में तीसरी भीषण लू की चेतावनी

​अंतरराष्ट्रीय डेस्क: फ्रांस इस समय भीषण गर्मी और जानलेवा लू (हीटवेव) के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। देश में पड़ी दो शुरुआती हीट वेव्स ने भयंकर तबाही मचाई है, जिसकी वजह से करीब 1,000 अतिरिक्त लोगों की जान चली गई है। फ्रांस की स्वास्थ्य एजेंसी ने पुष्टि की है कि ये मौतें मुख्य रूप से 24 जून से 27 जून के बीच दर्ज की गई हैं।

​इस बीच, फ्रांसीसी मौसम विज्ञान विभाग ‘मेटियो-फ्रांस’ ने जून के आखिरी दो दिनों में तापमान में थोड़ी गिरावट और राहत की उम्मीद जताई है, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि खतरा अभी टला नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, जुलाई के पहले ही हफ्ते में देश को तीसरी बड़ी हीटवेव का सामना करना पड़ सकता है।

​6 जुलाई से फिर शुरू होगा अत्यधिक गर्मी का दौर

​मीडिया आउटलेट ‘द कनेक्शन’ ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया कि 6 जुलाई के बाद से फ्रांस में एक बार फिर अत्यधिक गर्मी का नया दौर शुरू हो सकता है, जिसके 14 जुलाई तक जारी रहने की आशंका है।

​फ्रांस की पारिस्थितिक परिवर्तन मंत्री मोनिक बारबो ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि 6 जुलाई के बाद देश में भीषण गर्मी लौटने की संभावना बहुत ज्यादा है। यह चेतावनी इसलिए भी गंभीर है क्योंकि ‘मेटेओ फ्रांस’ ने इस साल पहले ही सामान्य से कहीं अधिक गर्म मौसम रहने की भविष्यवाणी की थी। मई और जून में आ चुकी दो बड़ी हीटवेव ने देश के कई हिस्सों को पहले ही बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

​टूट गए गर्मी के पुराने रिकॉर्ड, ‘हीट डोम’ बनने की आशंका

​इस साल की गर्मी ने फ्रांस में मौसम के कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। बीते 24 जून को फ्रांस के इतिहास में जून महीने का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। जून के अंत में मिलने वाली मामूली राहत के बाद, 6 जुलाई से सहारा रेगिस्तान की ओर से आने वाली बेहद गर्म हवाएं फ्रांस की तरफ बढ़ेंगी।

​कैसे बन रहे हैं हालात:

​नियम: यदि लगातार तीन दिनों तक दिन और रात का तापमान सामान्य से लगभग 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहता है, तो आधिकारिक तौर पर हीटवेव घोषित की जाती है।

​वैज्ञानिक कारण: विशेषज्ञों के अनुसार, स्पेन के तट के पास बनने वाला ठंडी हवा का दबाव क्षेत्र और पश्चिमी यूरोप पर सक्रिय मजबूत उच्च दबाव प्रणाली मिलकर एक बार फिर “हीट डोम” (Heat Dome) प्रभाव पैदा कर सकती है। इस स्थिति में गर्म हवा वातावरण में ही फंस जाती है और लगातार सतह पर लौटकर तापमान को बढ़ाती रहती है।

​सूखे और जल संकट का मंडराया बड़ा खतरा

​विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जुलाई के दूसरे सप्ताह में तीसरी बड़ी हीटवेव आती है, तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं। सबसे बड़ा खतरा फ्रांस की मिट्टी के तेजी से सूखने का है, जिससे भीषण जल संकट पैदा होगा और फसलों को भारी नुकसान पहुंचेगा।

​सूखी जमीन दिन के समय अधिक गर्मी सोखती है और रात में भी ठंडी नहीं हो पाती। विशेषज्ञों के मुताबिक, इससे गर्मी और सूखे का एक ऐसा दुष्चक्र (Vicious Cycle) बन जाता है, जिसमें ये दोनों परिस्थितियां एक-दूसरे को और ज्यादा गंभीर और जानलेवा बना देती हैं।

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