अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की संदिग्ध मौत, चंबल में था आतंक का दूसरा नाम
अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की संदिग्ध मौत, चंबल में था आतंक का दूसरा नाम
राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। चंबल और धौलपुर के बीहड़ों में सालों तक आतंक का पर्याय रहा कुख्यात डकैत जगन गुर्जर जेल परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया है। जेल के भीतर उसका शव मिलने से जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अजमेर के एसपी (SP) हर्षवर्धन अग्रवाला ने मामले की पुष्टि की है। सूचना मिलते ही फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की सघन जांच शुरू कर दी गई है।
तीन राज्यों में दर्ज थे 100 से अधिक मामले
जगन गुर्जर का खौफ सिर्फ राजस्थान तक ही सीमित नहीं था। उस पर राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हत्या, अपहरण, रंगदारी (फिरौती), डकैती, लूटपाट और पुलिस पर जानलेवा हमले जैसे 100 से ज्यादा संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। जगन के आतंक का आलम यह था कि उसके डर से कई गांवों में सालों तक शादियां नहीं हुईं। यहाँ तक कि खुद उसके परिवार को भी उसका आतंक और दुश्मनी झेलनी पड़ी और उन्हें गांव छोड़कर भागना पड़ा था।
जब सीएम आवास को उड़ाने की धमकी देकर बटोरीं सुर्खियां
जगन गुर्जर साल 2008 में उस समय देश भर की सुर्खियों में आया था, जब गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान उसने राजस्थान की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर स्थित महल (पैलेस) को बम से उड़ाने की खुली धमकी दे दी थी। इस दुस्साहस के बाद सरकार ने उस पर 11 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित किया था। इसके अलावा, साल 2019 में उस पर महिलाओं के साथ अमानवीय क्रूरता करने और उन्हें निर्वस्त्र घुमाने के बेहद गंभीर और शर्मनाक आरोप भी लगे थे।
बार-बार किया सरेंडर, लेकिन नहीं छूटी अपराध की दुनिया
जगन गुर्जर ने अपने जीवन में कई बार पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) किया था। एक बार उसने अपनी बेटी की शादी के समय अपराध की दुनिया को हमेशा के लिए छोड़ने की कसम भी खाई थी, लेकिन हर बार जेल से जमानत पर बाहर आते ही वह दोबारा बीहड़ों और अपराध के रास्ते पर लौट जाता था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
हाई-सिक्योरिटी जेल में हुई इस संदिग्ध मौत ने कानून व्यवस्था और जेल की सुरक्षा पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने जगन गुर्जर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
प्रशासन का बयान:
“मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल (FSL) की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
