Tuesday, June 30, 2026
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​गाजीपुर में सपा डेलिगेशन पर पथराव: पूर्व मंत्री समेत कई घायल, अखिलेश बोले— “95% आबादी पर हमला”

यह खबर गाजीपुर में बढ़ते राजनीतिक तनाव और कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाती है। निशा हत्याकांड की जांच के बीच हुई इस हिंसा ने अब प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है।

​गाजीपुर में सपा डेलिगेशन पर पथराव: पूर्व मंत्री समेत कई घायल, अखिलेश बोले— “95% आबादी पर हमला”

करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में निशा हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल और ग्रामीणों के बीच बुधवार को हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान हुई भारी पत्थरबाजी में पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा, सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव और शहर कोतवाल सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

​मुलाकात के दौरान अचानक भड़की हिंसा

​जानकारी के अनुसार, सपा जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह यादव, विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव और जै किशन साहू के नेतृत्व में डेलिगेशन गांव पहुँचा था। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से डेलिगेशन को गांव के बाहर ही रोक दिया, जिसके बाद नेता धरने पर बैठ गए। प्रशासन ने बीच का रास्ता निकालते हुए पीड़ित परिवार को धरना स्थल पर ही बुलाकर मुलाकात कराने की कोशिश की। इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई और पथराव शुरू हो गया। देखते ही देखते ईंट-पत्थर चलने लगे, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं को संभलने का मौका नहीं मिला।

​अखिलेश यादव का तीखा प्रहार: “सत्तापोषित वर्चस्ववादियों का हमला”

​घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया (X) पर प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा:

​”विश्वकर्मा समाज की युवती की संदिग्ध मौत के मामले में जा रहे हमारे डेलिगेशन पर सत्तापोषित वर्चस्ववादियों ने हमला किया है। पुलिस पर भी पथराव हुआ है। यह दरअसल पीडीए (PDA) यानी 95% आबादी पर हमला है। दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।”

​अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा राज में उत्तर प्रदेश अराजकता के सबसे खराब दौर से गुजर रहा है।

​छावनी में तब्दील हुआ कटारिया गांव

​हिंसा के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सपा प्रवक्ता शौर्या सिंह ने जिला प्रशासन पर असहयोग का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

​क्या है निशा हत्याकांड?

​कटारिया गांव की रहने वाली निशा (विश्वकर्मा समाज) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सपा का आरोप है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है। इसी सिलसिले में तथ्यों की जांच के लिए सपा ने अपना प्रतिनिधिमंडल भेजा था।

​घटना के मुख्य बिंदु:

​घायल: पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा, सपा कार्यकर्ता, शहर कोतवाल और करण्डा थानाध्यक्ष।

​आरोप: सपा ने ग्राम प्रधान और ‘सत्ता संरक्षित’ लोगों पर हमले का आरोप लगाया।

​वर्तमान स्थिति: गांव में भारी पुलिस बल तैनात, तनावपूर्ण शांति।

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