Thursday, September 10, 2026
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​त्रिशूर में भीषण पटाखा विस्फोट: 12 की मौत, मलबे में तब्दील हुई यूनिट; पीएम मोदी ने जताया शोक

​त्रिशूर में भीषण पटाखा विस्फोट: 12 की मौत, मलबे में तब्दील हुई यूनिट; पीएम मोदी ने जताया शोक

​त्रिशूर (केरलम) | त्रिशूर जिले के मुंडथिक्कोडु इलाके में मंगलवार को एक पटाखा निर्माण यूनिट में हुए भीषण धमाके ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। यह विस्फोट उस समय हुआ जब प्रसिद्ध ‘त्रिशूर पूरम’ उत्सव के लिए आतिशबाजी के सैंपल तैयार किए जा रहे थे।

​भोजन के समय हुआ हादसा, मलबे में तब्दील हुई यूनिट

​प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिस समय विस्फोट हुआ, यूनिट में करीब 40 कर्मचारी मौजूद थे। दरअसल, उत्सव के आयोजक कर्मचारियों के लिए दोपहर का भोजन लेकर आए थे, जिसके कारण वहाँ भीड़ अधिक थी। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। स्थानीय निवासियों और पास के सरकारी संस्थान (KILA) के कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें पहले लगा कि भूकंप आया है, लेकिन बाहर निकलने पर आसमान में धुएं का काला गुबार दिखाई दिया।

​बड़ी मात्रा में विस्फोटक था मौजूद

​हादसा त्रिशूर पूरम के ‘थिरुवंबाडी गुट’ के लिए पटाखे बनाने वाली इकाई में हुआ। सूत्रों के मुताबिक, मौके पर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी हुई थी। धमाके के बाद घटनास्थल पर बिना फटे विस्फोटकों और आग के कारण राहत कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी। एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने घायलों को तुरंत त्रिशूर मेडिकल कॉलेज पहुँचाया।

​पीएम मोदी ने की मुआवजे की घोषणा

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पीएमओ ने ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि:

​मृतकों के परिजनों को: ₹2 लाख की अनुग्रह राशि (PMNRF से) दी जाएगी।

​घायलों को: ₹50,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की है।

​मुख्यमंत्री ने दिए विशेष निर्देश

​केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव को सभी सरकारी विभागों को अलर्ट पर रखने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि घायलों के उपचार में कोई कोताही न बरती जाए और यदि आवश्यक हो, तो झुलसे हुए लोगों के इलाज के लिए राज्य के बाहर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बुलाई जाए।

​सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

​त्रिशूर पूरम की औपचारिक शुरुआत (ध्वजारोहण) के अगले ही दिन हुए इस हादसे ने उत्सव की खुशियों को मातम में बदल दिया है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग जांच में जुटे हैं कि क्या भारी मात्रा में विस्फोटक के भंडारण और हैंडलिंग के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।

​नोट: प्रशासन ने स्थानीय लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की सलाह दी है क्योंकि वहां अभी भी बिना फटे पटाखों से खतरे की संभावना बनी हुई है।

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