राजनीति

पीएम मोदी पर खरगे की ‘आतंकी’ वाली टिप्पणी से मचा सियासी घमासान, बीजेपी ने बताया ‘अर्बन नक्सल’ मानसिकता

पीएम मोदी पर खरगे की ‘आतंकी’ वाली टिप्पणी से मचा सियासी घमासान, बीजेपी ने बताया ‘अर्बन नक्सल’ मानसिकता

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में “आतंकी” शब्द का इस्तेमाल किए जाने के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। जहाँ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे 140 करोड़ भारतीयों का अपमान बताते हुए कांग्रेस को “अर्बन नक्सल पार्टी” करार दिया है, वहीं विवाद बढ़ता देख खरगे ने सफाई पेश की है।

​क्या था पूरा विवाद? तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खरगे भाजपा और AIADMK के गठबंधन पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के लिए विवादित शब्द का प्रयोग किया। मामला तूल पकड़ते ही खरगे ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा, “मेरे कहने का अर्थ यह था कि प्रधानमंत्री अपनी शक्तियों और जांच एजेंसियों (ED, CBI, IT) के जरिए राजनीतिक दलों को आतंकित (डरा-धमका) कर रहे हैं। मैंने उन्हें सीधे तौर पर आतंकवादी नहीं कहा।”

​बीजेपी का आक्रामक पलटवार: “यह महज संयोग नहीं, प्रयोग है” भाजपा ने खरगे की सफाई को सिरे से खारिज करते हुए इसे कांग्रेस की सोची-समझी रणनीति बताया है।

​संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि यह सब राहुल गांधी के इशारे पर हो रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जो पार्टी ओसामा को ‘जी’ कहती है, वह देश के प्रधानसेवक को आतंकवादी बता रही है।”

​पीयूष गोयल और किरेन रिजिजू ने इसे लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए राहुल गांधी और एमके स्टालिन से सार्वजनिक माफी की मांग की है। केंद्रीय मंत्रियों का कहना है कि प्रधानमंत्री पर किया गया यह व्यक्तिगत हमला उनकी चुनावी हताशा को दर्शाता है।

​”संस्थाओं का हो रहा है दुरुपयोग” – खरगे अपनी सफाई में कांग्रेस अध्यक्ष ने दोहराया कि देश में भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परिसीमन और संवैधानिक संस्थाओं को अपने हाथ में लेकर विपक्ष को कुचलना चाहती है। उन्होंने AIADMK पर तंज कसते हुए कहा कि अन्नादुरै और पेरियार की विचारधारा को मानने वाले लोग मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं, जो समानता में विश्वास नहीं रखते।

​सियासी गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस बयान को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा कि देश के प्रधानसेवक के प्रति ऐसी घृणा फैलाना शर्मनाक है। फिलहाल, इस बयान ने तमिलनाडु से लेकर दिल्ली तक के चुनावी माहौल को गरमा दिया है। जानकारों का मानना है कि भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ‘राष्ट्रवाद और पीएम के अपमान’ के रूप में ले जाएगी, जो कांग्रेस के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *