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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे 2026: यूपी का सबसे महंगा और हाई-टेक ‘सफर’ अब होगा 1 घंटे से भी कम

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे न केवल उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा, बल्कि प्रति किलोमीटर लागत के मामले में सबसे महंगा एक्सप्रेसवे भी है। वर्ष 2026 में इसके शुरू होने के साथ ही लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर पूरी तरह बदलने वाला है।

​यहाँ इस एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषताएं और विवरण दिए गए हैं:

​दूरी और समय की बचत

​वर्तमान में लखनऊ से कानपुर जाने के लिए भारी ट्रैफिक और जाम का सामना करना पड़ता है, जिससे 70-80 किमी की दूरी तय करने में 3 से 6 घंटे तक लग जाते हैं।

​नई समय सीमा: एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह सफर 1 घंटे से भी कम समय में पूरा होगा।

​रफ्तार: यहाँ वाहन 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगे।

​रूट और कनेक्टिविटी (Lucknow Kanpur Expressway Route)

​यह 63 किमी लंबा एक्सप्रेसवे ‘ग्रीनफील्ड’ प्रोजेक्ट है, यानी इसे बिल्कुल नए रास्ते पर बनाया गया है।

​प्रवेश/निकास: यह कानपुर के आजाद चौराहे से शुरू होकर उन्नाव के गांवों (दतौली, कांथा, तौरा) से होते हुए लखनऊ के बनी-बंथरा और शहीद पथ तक पहुंचेगा।

​आउटर रिंग रोड: यह लखनऊ की 105 किमी लंबी आउटर रिंग रोड से जुड़ेगा, जिससे हरदोई, रायबरेली और सीतापुर जाने वाले यात्री शहर के बाहर से ही निकल सकेंगे।

​इंजीनियरिंग का नमूना: इसमें 18 किमी का हिस्सा एलिवेटेड है। लखनऊ की ओर 13 किमी और कानपुर की ओर 5 किमी का हिस्सा ऊपर रहेगा, जबकि नीचे NH-25 हाईवे चलता रहेगा।

​लागत और टोल टैक्स

​यह यूपी का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे माना जा रहा है क्योंकि इसकी निर्माण लागत बहुत अधिक है:

​प्रति किमी खर्च: गंगा एक्सप्रेसवे (63 करोड़/किमी) के मुकाबले इस पर 75 करोड़ रुपये प्रति किमी खर्च हुए हैं (कुल लागत ₹4700 करोड़+)।

​टोल दरें: * कार के लिए एक तरफ का टोल: ₹275

​24 घंटे में वापसी का टोल: ₹415

​टोल प्लाजा: कुल 4 मुख्य टोल प्लाजा (शिवपुर, बनी, अमरसास और आजाद चौराहा) बनाए गए हैं।

​सुरक्षा और हाई-टेक फीचर्स

​एक्सप्रेसवे को सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है:

​AI और CCTV: हर 1 किमी पर घूमने वाले CCTV कैमरे लगाए गए हैं।

​VIDS तकनीक: ‘वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम’ (VIDS) के जरिए दुर्घटना, आग या खराब वाहन की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम को मिल जाएगी।

​अंडरपास: स्थानीय आबादी की सुविधा के लिए 38 अंडरपास और 31 पुल बनाए गए हैं।

​महत्वपूर्ण प्रतिबंध

​हाई-स्पीड कॉरिडोर होने के कारण इस पर केवल कार और भारी चौपहिया वाहनों को अनुमति होगी। बाइक, ऑटो या धीमी गति वाले वाहनों का प्रवेश यहाँ वर्जित रहेगा।

 

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