राजनीति

बिहार की सियासत: नीतीश के ‘सारथी’ श्रवण कुमार को बड़ी जिम्मेदारी, बने जदयू विधान मंडल दल के नेता

बिहार की सियासत: नीतीश के ‘सारथी’ श्रवण कुमार को बड़ी जिम्मेदारी, बने जदयू विधान मंडल दल के नेता

​मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने करीबी पर जताया भरोसा; नालंदा के कद्दावर नेता संभालेंगे पार्टी की कमान

बिहार में चल रही राजनीतिक हलचलों के बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार को विधान मंडल दल का नेता चुन लिया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे और हालिया सांगठनिक बदलावों के बीच काफी अहम माना जा रहा है।

​नीतीश कुमार को मिला था चयन का अधिकार

​बीते दिन मुख्यमंत्री आवास पर जदयू विधान मंडल दल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह अधिकार दिया गया था कि वे विधान मंडल दल के नेता का चयन करेंगे। पार्टी के सभी विधायकों और विधान पार्षदों के भरोसे पर मुहर लगाते हुए आज नीतीश कुमार ने श्रवण कुमार के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी।

​कौन हैं श्रवण कुमार?

​श्रवण कुमार का राजनीतिक कद जदयू के भीतर काफी ऊंचा माना जाता है। उनके चयन के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं:

​नीतीश के भरोसेमंद: श्रवण कुमार मुख्यमंत्री के सबसे करीबी और पुराने विश्वासपात्रों में से एक हैं।

​गृह जनपद का प्रतिनिधित्व: वे नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से आते हैं और सात बार के विधायक रहे हैं।

​संगठनात्मक अनुभव: सरकार में मंत्री रहने के अलावा वे विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (Chief Whip) की भूमिका भी बखूबी निभा चुके हैं।

​संसदीय और सांगठनिक तालमेल पर जोर

​सूत्रों के अनुसार, श्रवण कुमार को यह जिम्मेदारी देने का उद्देश्य पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखना और विपक्ष के हमलों का सदन में मजबूती से जवाब देना है। 2026 की राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी चुनावों को देखते हुए, नीतीश कुमार ने एक ऐसे नेता पर दांव खेला है जो न केवल अनुभवी है, बल्कि पार्टी के भीतर सभी धड़ों को एक साथ लेकर चलने की क्षमता रखता है।

​नालंदा से नया शक्ति केंद्र

​श्रवण कुमार की इस नियुक्ति से नालंदा क्षेत्र का सियासी प्रभाव पार्टी में और बढ़ गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि श्रवण कुमार को आगे कर नीतीश कुमार ने यह संकेत दिया है कि पार्टी अपने पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को ही सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।

​”श्रवण कुमार पार्टी के अनुभवी सिपाही हैं। उनके नेतृत्व में जदयू विधान मंडल दल सदन के भीतर और बाहर राज्य के विकास के एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाएगा।”

— जदयू प्रवक्ता

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