Thursday, September 10, 2026
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चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए गूगल मैप बना ‘सुरक्षा कवच’, लैंडस्लाइड होते ही फोन पर आएगा अलर्ट

चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए गूगल मैप बना ‘सुरक्षा कवच’, लैंडस्लाइड होते ही फोन पर आएगा अलर्ट

​ट्रैफिक निदेशालय की हाईटेक तैयारी; क्यूआर कोड और रियल-टाइम मैपिंग से सुगम होगी हिमालयी तीर्थयात्रा

उत्तराखंड में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही 19 अप्रैल से इस वर्ष की चारधाम यात्रा का शिलान्यास हो चुका है। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे। इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर ट्रैफिक निदेशालय ने तकनीकी रूप से बेहद उन्नत इंतजाम किए हैं, जिसमें गूगल मैप के जरिए ‘लाइव अलर्ट’ की सुविधा सबसे प्रमुख है।

​गूगल मैप से मिलेगा ‘स्मार्ट’ अलर्ट

​ट्रैफिक निदेशालय के एसपी शाहजहां जावेद खान ने बताया कि पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और जाम की समस्या यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती होती है। इस बार गूगल मैप के साथ विशेष मैपिंग की गई है।

​कैसे काम करेगा सिस्टम: यदि यात्रा मार्ग पर कहीं लैंडस्लाइड होता है, तो इसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम से आपदा प्रबंधन और फिर गूगल मैप के जरिए श्रद्धालु तक पहुंच जाएगी।

​फायदा: अलर्ट मिलने पर श्रद्धालु सुरक्षित स्थान पर रुक सकेंगे या यात्रा की गति धीमी कर सकेंगे। इसके अलावा, हर 10 किमी पर मौजूद सर्विस प्रोवाइडर को भी तत्काल संदेश भेजा जाएगा।

​सुरक्षा के लिए ‘प्लान A, B और C’ तैयार

​भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने विशेष कार्ययोजना लागू की है:

​ट्रैफिक मैनेजमेंट: हरिद्वार और देहरादून जैसे प्रवेश द्वारों पर दबाव बढ़ने पर ‘प्लान ए, बी और सी’ के तहत वाहनों को रोका या डायवर्ट किया जाएगा।

​पार्किंग व हॉल्टिंग: 7 जनपदों में 127 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहाँ 51,000 से अधिक वाहनों की क्षमता है। साथ ही 48 हॉल्टिंग क्षेत्र बनाए गए हैं, जहाँ 1.16 लाख यात्री रुक सकते हैं।

​यात्रा मार्ग पर सुरक्षा का बुनियादी ढांचा

​ट्रैफिक पुलिस ने यात्रा रूट पर जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर वहां पुख्ता इंतजाम किए हैं:

​चिन्हित स्थल: 109 लैंडस्लाइड क्षेत्र, 57 ब्लैक स्पॉट और 53 बोटलनेक प्वाइंट्स पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

​उपकरण: मार्ग पर 751 चेतावनी बोर्ड, 195 कन्वैक्स मिरर, 20 ब्लिंकर लाइट और 58 बॉडी वॉर्न कैमरे लगाए गए हैं।

​मैनपावर: 462 यातायात पुलिसकर्मी और 294 होमगार्ड/पीआरडी जवान तैनात किए गए हैं।

​जल्द जारी होगा क्यूआर कोड

​श्रद्धालुओं की मदद के लिए ट्रैफिक निदेशालय एक QR कोड स्कैनर भी तैयार कर रहा है। इसे स्कैन करते ही यात्रियों को रूट मैप, वैकल्पिक रास्तों और नजदीकी सुविधाओं की पूरी जानकारी उनके मोबाइल पर मिल जाएगी।

​”हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालु को रास्ते में फंसना न पड़े। देहरादून कंट्रोल रूम से सीधे पहाड़ी जनपदों के समन्वय के साथ रियल-टाइम अपडेट दिए जा रहे हैं।”

— शाहजहां जावेद खान, एसपी, ट्रैफिक निदेशालय

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