’झालमुरी’ पर छिड़ा सियासी संग्राम: ममता बनर्जी ने PM मोदी के वीडियो को बताया ‘स्क्रिप्टेड ड्रामा’
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण में अब ‘झालमुरी’ पर संग्राम छिड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक सोशल मीडिया वीडियो पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखा हमला बोला है।
यहाँ इस राजनीतिक गहमागहमी पर पूरी रिपोर्ट दी गई है:
’झालमुरी’ पर छिड़ा सियासी संग्राम: ममता बनर्जी ने PM मोदी के वीडियो को बताया ‘स्क्रिप्टेड ड्रामा’
कोलकाता/झाड़ग्राम (अप्रैल 2026): पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मतदान (23 और 29 अप्रैल) से ठीक पहले जुबानी जंग तेज हो गई है। झाड़ग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सड़क किनारे एक दुकान से ‘झालमुरी’ खरीदकर खाने का वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे चुनावी ‘नौटंकी’ करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
रविवार (19 अप्रैल) को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में वह झाड़ग्राम के ‘कॉलेज मोड़’ पर अपने काफिले को अचानक रोककर एक छोटी सी दुकान पर झालमुरी का लुत्फ उठाते नजर आए। वीडियो में पीएम मोदी दुकानदार को पैसे देते दिखे और दुकानदार के मना करने पर उन्होंने जोर देकर भुगतान किया। इस वीडियो को ‘पब्लिक कनेक्ट’ और सादगी के उदाहरण के रूप में पेश किया गया।
ममता बनर्जी का तीखा प्रहार: “कैमरे पहले से कैसे तैनात थे?”
बीरभूम के मुरारई में एक रैली के दौरान ममता बनर्जी ने इस घटना की सत्यता पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे पूरी तरह से प्रायोजित (Sponsered) बताते हुए कहा:
स्टेज्ड इवेंट का आरोप: ममता ने सवाल किया, “अगर यह अचानक लिया गया फैसला था, तो वहां पहले से कैमरे और माइक्रोफोन कैसे लगे हुए थे? एसपीजी (SPG) ने पूरी सेटिंग पहले से की हुई थी।”
10 रुपये के नोट पर तंज: उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की जेब में अचानक 10 रुपये का नोट मिलना विश्वास करने लायक नहीं है। यह सब वोट बटोरने के लिए किया गया नाटक है।
खान-पान की आजादी पर घेरा
ममता बनर्जी ने केवल वीडियो पर ही नहीं, बल्कि भाजपा की विचारधारा पर भी हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों की थाली पर पहरा देना चाहती है।
”आपको बंगाल आकर अचानक झालमुरी पसंद आने लगी, लेकिन भाजपा शासित राज्यों में मछली और मटन खाने पर पाबंदी क्यों लगाई जा रही है? बंगाल में हम कभी किसी के खाने की आदतों को नियंत्रित नहीं करते।”
चुनाव का समीकरण
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल 2026 को मतदान होना है, जिसके नतीजे 4 मई को आएंगे। झाड़ग्राम और बीरभूम जैसे क्षेत्रों में टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। जहाँ बीजेपी पीएम मोदी के ‘मिट्टी से जुड़ाव’ वाले वीडियो के जरिए स्थानीय बंगाली भावना को साधने की कोशिश कर रही है, वहीं ममता बनर्जी इसे ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ की लड़ाई बताकर पलटवार कर रही हैं।
सियासी तंज: ममता बनर्जी ने रैली के अंत में चुटकी लेते हुए कहा कि चुनाव जीतने के बाद वह बंगाल आने वाले हर भाजपा नेता को ‘तिलेर नारू’ (तिल के लड्डू) और ‘खीरेर नारू’ (मावे के लड्डू) भिजवाएंगी, ताकि उन्हें असली बंगाली स्वाद का पता चल सके।
