TCS नासिक मामला: आरोपी निदा खान अब भी फरार, पति के बयानों में विरोधाभास; पुलिस की तलाश तेज
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट में सामने आए जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के गंभीर मामले ने कॉर्पोरेट जगत को हिला कर रख दिया है। मामले की मुख्य आरोपी निदा खान फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
यहाँ इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:
TCS नासिक मामला: आरोपी निदा खान अब भी फरार, पति के बयानों में विरोधाभास; पुलिस की तलाश तेज
नासिक | 18 अप्रैल, 2026
TCS नासिक यूनिट से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले में नामजद आरोपी निदा खान पिछले एक सप्ताह से फरार हैं। पुलिस द्वारा उनके पति मोइन नवेद इक़बाल खान से की गई पूछताछ में कई चौंकाने वाले विरोधाभास सामने आए हैं, जिससे जांच एजेंसियां उनकी लोकेशन को लेकर असमंजस में हैं।
1. पति के बयानों में उलझी पुलिस
शुक्रवार को हुई पूछताछ के दौरान निदा के पति ने पुलिस को गुमराह करने वाले बयान दिए:
पहला दावा: निदा 14 अप्रैल से एक रिश्तेदार के घर पर हैं। पुलिस जब वहां पहुंची तो घर बंद मिला।
दूसरा दावा: निदा की मौसी उन्हें नासिक लेकर गई हैं।
अंत में: पति ने स्वीकार किया कि फिलहाल उन्हें निदा की सटीक लोकेशन की जानकारी नहीं है।
2. क्या है पूरा मामला? (2022 से 2026 के बीच का घटनाक्रम)
इस विवाद की जड़ें 2022 में शुरू हुईं, जब नासिक यूनिट की एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख पर गंभीर आरोप लगाए:
यौन शोषण: दानिश पर आरोप है कि उसने अपनी शादी की बात छिपाकर शादी का झांसा दिया और शारीरिक संबंध बनाए।
धर्मांतरण का दबाव: आरोपी निदा खान (दानिश की बहन) पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता की धार्मिक आस्था का अपमान किया और उन पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया।
सामूहिक शिकायत: जांच शुरू होने के बाद 7 अन्य महिलाओं ने भी वरिष्ठ कर्मचारियों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए। उनका कहना है कि HR विभाग ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया।
3. अब तक की पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में अब तक सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें छह पुरुष कर्मचारी और एक महिला HR प्रमुख शामिल हैं। निदा खान को TCS ने 9 अप्रैल को निलंबित कर दिया था और कंपनी के सिस्टम तक उनकी पहुंच बंद कर दी गई है।
4. अग्रिम जमानत की अर्जी
फरार आरोपी निदा खान ने नासिक की अदालत में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन किया है। उनके वकील बाबा सैयद ने दलील दी है कि निदा गर्भवती हैं और उन पर लगाए गए आरोप सीधे तौर पर उतने गंभीर नहीं हैं, जितनी चर्चा की जा रही है।
5. TCS का स्पष्टीकरण और कदम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी बयान में TCS ने कुछ महत्वपूर्ण बातें साफ की हैं:
पद की जानकारी: निदा खान HR मैनेजर नहीं, बल्कि एक प्रोसेस एसोसिएट थीं।
आंतरिक जांच: कंपनी का दावा है कि उनके आंतरिक एथिक्स या POSH चैनल पर पहले ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली थी।
कमेटी का गठन: मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी ने एक ओवरसाइट कमेटी बनाई है जो बाहरी एजेंसियों की मदद से मामले की निष्पक्ष जांच करेगी।
6. संदिग्ध ट्रांसफर और लोकेशन
निदा खान को हाल ही में नासिक से मुंबई (मालाड और हीरानंदानी कार्यालय) ट्रांसफर किया गया था। पुलिस अब उनके मुंबई और नासिक के ठिकानों के साथ-साथ उनके रिश्तेदारों के स्विच ऑफ मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है।
निष्कर्ष: यह मामला कॉर्पोरेट वर्क कल्चर और महिला सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है। पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और अदालत में जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
