नासिक TCS कांड में अब तक के बड़े खुलासे: यौन शोषण, जबरन धर्मांतरण और संगठित रैकेट का खतरनाक नेटवर्क उजागर
नासिक TCS कांड में अब तक के बड़े खुलासे: यौन शोषण, जबरन धर्मांतरण और संगठित रैकेट का खतरनाक नेटवर्क उजागर
नासिक (महाराष्ट्र): टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक BPO सेंटर में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों वाला मामला तेजी से बढ़ रहा है। पुलिस की undercover ऑपरेशन के बाद यह कांड सामने आया, जिसमें कई महिला कर्मचारियों ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं और 8 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि मुख्य आरोपी निदा खान फरार है।
प्रमुख खुलासे:
मास्टरमाइंड कौन?
पुलिस के अनुसार, दो सस्पेंड कर्मचारी — तौसीफ अत्तर और निदा खान (HR मैनेजर) — इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। निदा खान पर आरोप है कि वह टीम लीडर्स के साथ मिलकर शिकायतों को दबाती थी और पीड़ितों को मानसिक दबाव देती थी।
टारगेटिंग का तरीका:
आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर, परिवारिक समस्याओं में फंसी और पैसे की जरूरत वाली युवती कर्मचारियों को निशाना बनाते थे। पहले नौकरी, प्रमोशन या करियर ग्रोथ का लालच देते, फिर धीरे-धीरे धार्मिक टिप्पणियां, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाते। कई पीड़ितों ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और फिर निजी फोटो/वीडियो से ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। कुछ को हिजाब पहनने, नमाज पढ़ने और यहां तक कि गोमांस खाने के लिए मजबूर करने की शिकायतें भी आई हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी:
अब तक गिरफ्तार मुख्य आरोपी: आसिफ अंसारी, दानिश शेख, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तर और अन्य (कुल 7-8, जिसमें एक HR अधिकारी भी शामिल)। दानिश शेख पर रेप का भी आरोप है। निदा खान फरार है और उसने कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है (परिवार का दावा — वह गर्भवती है)।
पीड़ितों की संख्या और बयान:
9 FIR में ज्यादातर महिला कर्मचारियों ने यौन उत्पीड़न, unwanted touching, stalking, rape और धार्मिक coercion की बात कही है। एक पुरुष कर्मचारी ने भी अपनी पत्नी को लेकर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप लगाया। कई पीड़ितों ने बताया कि शिकायत करने पर उन्हें rooftop पर अलग-थलग कर दिया जाता था, फोन छीन लिया जाता था और false reports भेजकर परेशान किया जाता था। कुछ ने कहा — “थैंक गॉड मैं बच गई”।
अन्य चौंकाने वाले तथ्य:
यह घटना 2022 से 2026 तक चली बताई जा रही है।
पुलिस ने NIA, ATS और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को पत्र लिखा है। मलेशिया लिंक और अंतरराष्ट्रीय preacher का नाम भी चर्चा में है।
TCS ने सभी आरोपियों को सस्पेंड कर दिया है। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इसे “gravely concerning और anguishing” बताया और COO आरती सुब्रमण्यम की अगुवाई में आंतरिक जांच शुरू कर दी।
BPO सेंटर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। सभी कर्मचारियों को Work From Home के निर्देश दिए गए हैं।
जांच का स्तर:
नासिक पुलिस ने SIT गठित की है। डिजिटल फुटप्रिंट, व्हाट्सएप चैट, फाइनेंशियल लिंक्स और grooming pattern की जांच हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे “कार्पोरेट जिहाद” या संगठित grooming gang बताया जा रहा है।
TCS ने “zero tolerance for harassment” की नीति दोहराते हुए कहा है कि जांच पूरी होने पर सख्त कार्रवाई होगी। नेशनल कमीशन फॉर वीमेन ने भी फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी गठित कर ली है।
यह मामला आईटी सेक्टर में कार्यस्थल सुरक्षा, POSH कानून के पालन और HR की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और FIR तथा गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
(अपडेट: 17 अप्रैल 2026 तक की जानकारी के आधार पर। स्थिति तेजी से बदल रही है।)
