उत्तराखंड

​केदारनाथ धाम में नई दर्शन नियमावली: VIP कल्चर पर लगाम, मोबाइल और ब्लॉगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध

उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को लेकर इस बार केदारनाथ धाम में ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं। बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने आम श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर की मर्यादा बनाए रखने के लिए दर्शन और फोटोग्राफी से जुड़े नियमों को बेहद सख्त कर दिया है।

​केदारनाथ धाम में नई दर्शन नियमावली: VIP कल्चर पर लगाम, मोबाइल और ब्लॉगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध

​1. VIP दर्शन के नियमों में बड़ा बदलाव

​मंदिर समिति ने पक्षपात और अव्यवस्था के आरोपों को खत्म करने के लिए ‘समानता’ का फॉर्मूला अपनाया है:

​केवल सरकारी प्रोटोकॉल: अब केवल उन्हीं व्यक्तियों को VIP दर्शन की सुविधा मिलेगी, जो आधिकारिक सरकारी प्रोटोकॉल के दायरे में आते हैं।

​कोई विशेष अनुमति नहीं: बिना प्रोटोकॉल के किसी भी रसूखदार व्यक्ति को अलग से दर्शन नहीं कराए जाएंगे। उन्हें आम श्रद्धालुओं की तरह सामान्य लाइन में ही लगना होगा।

​उद्देश्य: लंबी लाइनों में खड़े आम भक्तों की प्रतीक्षा अवधि को कम करना और दर्शन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना।

​2. डिजिटल गैजेट्स और ब्लॉगिंग पर रोक

​केदारनाथ मंदिर परिसर के भीतर अब कैमरे और मोबाइल का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित होगा:

​नो फोटो-वीडियो: मंदिर के अंदर फोटो खींचना या वीडियो बनाना वर्जित है।

​ब्लॉगिंग पर बैन: सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने और ब्लॉगिंग करने पर भी रोक लगा दी गई है।

​कारण: BKTC का मानना है कि इससे मंदिर की शांति और गरिमा बनी रहेगी और अव्यवस्था पर नियंत्रण लगेगा।

​3. यात्रा मार्ग: डेंजर जोन्स के लिए 700 करोड़ का बजट

​सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश किया है:

​बजट: आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील मार्गों की मरम्मत के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की है।

​कार्य प्रगति: यात्रा मार्गों पर चिह्नित 100 डेंजर जोन्स में से लगभग 80 जोन्स पर काम तेजी से चल रहा है, ताकि भूस्खलन जैसी स्थितियों से निपटा जा सके।

​4. चारधाम कपाट खुलने की महत्वपूर्ण तिथियां

​इस साल यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल से हो रहा है:

​गंगोत्री और यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026

​केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल 2026

​बदरीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026

​5. मंदिर समिति का रुख

​BKTC के उपाध्यक्ष विजय कप्रवान के अनुसार, ये निर्णय तीर्थ पुरोहितों और आम श्रद्धालुओं के सुझावों के बाद लिए गए हैं। नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यात्रा प्रबंधन को आधुनिक और सुलभ बनाना है, ताकि बाबा केदार के दर पर आने वाले हर भक्त को एक सुखद और आध्यात्मिक अनुभव मिल सके।

​यात्रियों के लिए सुझाव: केदारनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालु ध्यान रखें कि वे मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरा ले जाने से बचें। डिजिटल शोर के बजाय केदारघाटी की दिव्यता और शांति का आनंद लें।

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