पश्चिम बंगाल: केरल से गिरफ्तार TMC नेता स्वपन नंदी पर फूटा जनता का गुस्सा, थाने ले जाते समय फेंके अंडे और कालिख
पश्चिम बंगाल: केरल से गिरफ्तार TMC नेता स्वपन नंदी पर फूटा जनता का गुस्सा, थाने ले जाते समय फेंके अंडे और कालिख
कोलकाता / हुगली:
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन और शुभेंदु सरकार के गठन के बाद, पूर्ववर्ती ममता सरकार के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों की फाइलें तेजी से खुलने लगी हैं। इसी कड़ी में हुगली ग्रामीण पुलिस ने ममता बनर्जी के बेहद करीबी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व राज्य सचिव स्वपन कुमार नंदी को केरल से गिरफ्तार किया है।
सोमवार (15 जून 2026) को जब पुलिस आरोपी स्वपन नंदी को हुगली के आरामबाग लेकर पहुंची, तो वहां मौजूद स्थानीय जनता का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने नंदी को देखते ही ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए, उनके चेहरे पर कालिख पोत दी और उन पर अंडों की बौछार कर दी। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को आरोपी नेता को दौड़ाकर थाने के भीतर ले जाना पड़ा।
हुलिया बदलकर केरल में छिपा था आरोपी
पुलिस जांच से बचने के लिए स्वपन कुमार नंदी ने अपनी मूंछें मुंडवा ली थीं और अपना हुलिया पूरी तरह बदल लिया था। इसके बावजूद, हुगली ग्रामीण पुलिस की एक स्पेशल टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से उन्हें केरल से ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर लिया।
जब पुलिस टीम उन्हें गौराहटी क्रॉसिंग से पैदल आरामबाग थाने ले जा रही थी, तभी जनता ने उनका घेराव कर लिया। इस हंगामे के दौरान गुस्साए लोगों ने नंदी की शर्ट तक फाड़ दी।
क्या है स्वपन नंदी पर आरोप? (7.24 करोड़ का ग्रीन सिटी घोटाला)
स्वपन कुमार नंदी आरामबाग नगरपालिका के ‘ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट’ में हुए वित्तीय गबन के मुख्य आरोपी हैं।
योजना: साल 2017 में आरामबाग क्षेत्र के 44 स्कूलों में सोलर सिस्टम (सौर ऊर्जा प्रणाली) लगाने के लिए ग्रीन सिटी योजना के तहत फंड जारी किया गया था।
आरोप: जांच के मुताबिक, स्कूलों में केवल 44 लाख रुपये का वास्तविक काम कराया गया, जबकि बाकी की भारी-भरकम राशि फर्जी बिल बनाकर डकार ली गई।
घोटाले की रकम: स्वपन नंदी पर कुल 7.24 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप है।
”कट मनी” लौटाने की मची होड़, कानूनी कार्रवाई तेज
राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव के बाद केंद्रीय व स्थानीय जांच एजेंसियां लगातार भ्रष्ट नेताओं पर शिकंजा कस रही हैं। इस कार्रवाई के खौफ का असर जमीन पर भी दिखने लगा है:
पैसे वापस कर रहे नेता: फालता के देवीपुर में हाउसिंग स्कीम के नाम पर “कट मनी” (रिश्वत) वसूलने वाले स्थानीय प्रेसिडेंट सौमित्र मंडल ने अब कानून के डर से लोगों के पैसे लौटाने शुरू कर दिए हैं। सौमित्र पर आवास योजना के लाभार्थियों से अवैध वसूली का आरोप था।
जनता का आक्रोश: जहांगीर खान और अब स्वपन नंदी जैसे नेताओं पर हो रहे सार्वजनिक विरोध से साफ है कि भ्रष्टाचार को लेकर बंगाल की जनता में भारी आक्रोश है।
सरकारी रुख: राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में कानून का राज कायम करने की कोशिशें जारी हैं और पूर्व सरकार के दौरान हुए हर एक घोटाले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
