कंधार एयरपोर्ट के पास फ्यूल डिपो पर पाकिस्तानी हमला: 1500 टन ईंधन तबाह, तालिबान ने ठान लिया बदला!
कंधार एयरपोर्ट के पास फ्यूल डिपो पर पाकिस्तानी हमला: 1500 टन ईंधन तबाह, तालिबान ने ठान लिया बदला!
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव अब चरम पर! 13 मार्च 2026 को तालिबान सरकार ने दावा किया कि पाकिस्तान एयर फोर्स ने अफगानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट के नजदीक निजी एयरलाइन काम एयर (Kam Air) के फ्यूल डिपो पर हवाई हमला किया, जिसमें 1500 टन से ज्यादा ईंधन तबाह हो गया। यह हमला दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों का सबसे बड़ा संघर्ष माना जा रहा है, जबकि चीन मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।
क्या हुआ ठीक-ठीक?
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि पाकिस्तानी विमानों ने कंधार एयरपोर्ट के पास काम एयर के फ्यूल स्टोरेज को निशाना बनाया।
यह डिपो सिर्फ सिविल एयरलाइनों के लिए नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र (UN) और ICRC जैसे एड एजेंसियों के विमानों को भी ईंधन सप्लाई करता है।
हमले में 1500 टन से अधिक ईंधन जलकर खाक हो गया, जिससे अफगानिस्तान में ईंधन की कमी और बढ़ सकती है – खासकर तब जब क्षेत्र में ईरान-इजरायल टेंशन की वजह से तेल संकट पहले से है।
पाकिस्तानी सिक्योरिटी सोर्सेज का कहना है कि ये स्ट्राइक्स टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के कैंप्स और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर थे, जिसमें कंधार में ऑयल स्टोरेज भी शामिल था। उन्होंने चार “टेररिस्ट कैंप्स” को नष्ट करने का दावा किया।
अन्य इलाकों पर भी हमले
पाकिस्तान ने काबुल, पक्तिया, पक्तिका और अन्य प्रांतों में भी एयरस्ट्राइक्स कीं।
तालिबान का आरोप: कई सिविलियन घर तबाह हुए, महिलाएं और बच्चे मारे गए। काबुल में कम से कम 4-6 लोगों की मौत की खबरें।
अफगानिस्तान ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया और जवाबी हमले शुरू कर दिए – रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगान ड्रोन्स ने पाकिस्तान के कोहाट मिलिट्री बेस को टारगेट किया।
क्यों बढ़ रहा है यह संघर्ष?
पाकिस्तान TTP को अफगानिस्तान में शेल्टर देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि तालिबान इसे इनकार करता है।
हाल के हफ्तों में बॉर्डर पर ग्राउंड फाइटिंग और एयर स्ट्राइक्स बढ़े हैं।
रमजान के आखिरी दिनों में यह हमला और ज्यादा गंभीर माना जा रहा है।
पाकिस्तान मिलिट्री ने अभी तक कंधार फ्यूल डिपो वाले दावे पर कोई आधिकारिक कमेंट नहीं किया है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने दोनों पड़ोसियों के बीच बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है और शांति की अपील की है।
यह स्थिति बहुत नाजुक है – अगर जवाबी कार्रवाई जारी रही तो पूरे क्षेत्र में बड़ा युद्ध फैल सकता है। अफगानिस्तान में ईंधन की कमी से ह्यूमैनिटेरियन क्राइसिस भी गहरा सकता है।
क्या लगता है आपको – यह तनाव कितना बड़ा होगा? कमेंट में बताएं।
