तेहरान में कुद्स डे प्रदर्शनों के दौरान बड़ा विस्फोट! 1 महिला की मौत, दर्जनों घायल – US-इजरायल हमले का आरोप
तेहरान में कुद्स डे प्रदर्शनों के दौरान बड़ा विस्फोट! 1 महिला की मौत, दर्जनों घायल – US-इजरायल हमले का आरोप
तेहरान: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के 14वें दिन (13 मार्च 2026) तेहरान में कुद्स डे (अल-कुद्स डे) रैलियों के दौरान बड़ा धमाका हुआ! हजारों लोग फिलिस्तीन के समर्थन में सड़कों पर निकले थे, “डेथ टू इजरायल” और “डेथ टू अमेरिका” के नारे लगा रहे थे, तभी फर्दौसी स्क्वेयर (Ferdowsi Square) के पास बड़ा विस्फोट हुआ। ईरानी स्टेट मीडिया (IRNA, Tasnim, Press TV) के मुताबिक, ये US-इजरायल एयरस्ट्राइक थी – जिसमें 1 महिला की मौत हो गई (श्रैप्नेल से) और कई लोग घायल हुए। ब्लैक स्मोक के बादल उठे, लोग चीखते-भागते नजर आए!
क्या हुआ ठीक-ठीक?
कुद्स डे हर साल रमजान के आखिरी शुक्रवार को मनाया जाता है – फिलिस्तीन के समर्थन और इजरायल विरोध में।
तेहरान में हजारों लोग इंगेलाब स्ट्रीट और तेहरान यूनिवर्सिटी के पास जमा थे। सीनियर ऑफिशियल्स जैसे अली लारिजानी (पूर्व स्पीकर) और मोहम्मद मोखबर (पूर्व सुप्रीम लीडर के सहयोगी) भी मौजूद थे।
मिडडे (दोपहर) में बड़ा ब्लास्ट – ईरानी मीडिया ने इसे एयर अटैक बताया। वीडियोज में स्मोक और चीखें दिख रही हैं।
इजरायल ने पहले ही फारसी X अकाउंट पर वार्निंग जारी की थी – “इस इलाके से निकलें, हम ऑपरेशंस करेंगे”।
ईरानी ज्यूडिशियरी चीफ ने कहा: “लोग विस्फोटों से नहीं डरते, ये इजरायल की हताशा है।”
लारिजानी ने ट्रंप को टारगेट करते हुए कहा: “ट्रंप नहीं समझते कि ईरानी राष्ट्र मजबूत है। इजरायल की ये कार्रवाई उसकी हार है।”
ईरान का आरोप और जवाब
ईरान ने इसे US-इजरायल एयरस्ट्राइक बताया – प्रेस टीवी ने कहा “श्रैप्नेल से 1 महिला की मौत”।
IRGC और स्टेट मीडिया ने इसे “देश की एकता पर हमला” कहा – लेकिन कोई बड़ा कैजुअल्टी रिपोर्ट नहीं।
युद्ध के बीच कुद्स डे रैली जारी रखना ईरान की “डिफायंस” दिखाने का तरीका था – सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने पहले ही “बदला” की बात की थी।
इजरायल-US का स्टैंड
इजरायल ने पहले वार्निंग दी थी, लेकिन अब तक कोई ऑफिशियल कमेंट नहीं कि उन्होंने हमला किया।
US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अभी कोई बयान नहीं दिया, लेकिन युद्ध में दोनों तरफ से एयरस्ट्राइक्स जारी हैं।
ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि युद्ध “अच्छा चल रहा है” – लेकिन तेहरान में सिविलियन एरिया पर हमला अगर कन्फर्म हुआ तो बड़ा इंटरनेशनल बैकलैश हो सकता है।
भारत पर असर?
दिल्ली-NCR में LPG/फ्यूल संकट पहले से है – ये घटना होर्मुज स्ट्रेट टेंशन बढ़ा सकती है, तेल कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
भारत ने तटस्थ रुख रखा है, लेकिन ईरान से सेफ पैसेज मिला हुआ है – MEA मॉनिटरिंग कर रहा है।
ये घटना युद्ध को और इंटेंस कर रही है – कुद्स डे जैसे मौके पर सिविलियन एरिया में हमला! क्या आपको लगता है ये इजरायल का टारगेटेड अटैक था या ईरान की प्रोपेगैंडा? कमेंट में बताएं।
