रैपर बादशाह के गीत ‘टटिहरी’ पर विवाद, आपत्तिजनक शब्दों पर हरियाणा महिला आयोग ने जारी किया समन
रैपर बादशाह के गीत ‘टटिहरी’ पर विवाद, आपत्तिजनक शब्दों पर हरियाणा महिला आयोग ने जारी किया समन
नई दिल्ली: बॉलीवुड के मशहूर रैपर और सिंगर बादशाह (असली नाम आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया) एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं! उनके नए हरियाणवी फोक-स्टाइल गाने ‘टटिहरी’ (Tateeree) के बोल और वीडियो को लेकर भारी आपत्ति उठी है। हरियाणा राज्य महिला आयोग (Haryana State Commission for Women) ने गाने में कथित आपत्तिजनक और महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने वाले शब्दों के आधार पर बादशाह को समन जारी किया है। उन्हें 13 मार्च 2026 को पानीपत के डीसी कार्यालय कॉन्फ्रेंस हॉल में सुबह 11:30 बजे पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा।
विवाद की वजह क्या है?
गाना 1 मार्च 2026 को रिलीज हुआ था, जिसमें हरियाणवी लोक संगीत की स्टाइल है और कैथल की बॉक्सर सिमरन जागलान (हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी की बेटी) की भी आवाज है।
विवाद मुख्य रूप से गाने की एक लाइन “आया बादशाह डोली चढ़ाने, इन सबकी घोड़ी बनाने” पर है, जिसे शिकायतकर्ताओं ने अश्लील, मर्यादा-विरोधी और महिलाओं का अपमान करने वाला बताया।
वीडियो में स्कूल यूनिफॉर्म में नाबालिग लड़कियों को डांस करते और स्कूल बैग फेंकते दिखाया गया है, जिस पर नाबालिगों के यौनिकरण और बेटियों पर गलत कमेंट का आरोप लगा।
शिकायतें: पानीपत की नारी तू नारायणी संस्था (अध्यक्ष सविता आर्य), शिव आरती फाउंडेशन (शिव कुमार) और अन्य संगठनों ने कीं। रोहतक के एडवोकेट राजनारायण पंघाल ने राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भी शिकायत भेजी।
खाप पंचायतों और स्थानीय संगठनों ने भी नाराजगी जताई, गाने को हरियाणवी संस्कृति और महिलाओं की इज्जत के खिलाफ बताया।
आयोग का स्टैंड:
आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया के निर्देश पर सुओ मोटू संज्ञान लिया गया। समन में कहा गया कि गाने में अश्लील भाषा और महिलाओं/नाबालिगों को ऑब्जेक्टिफाई करने वाले दृश्य हैं, जो मर्यादा का उल्लंघन करते हैं। बादशाह को स्पष्टीकरण देना होगा, अन्यथा आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
बादशाह की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं:
अभी तक बादशाह या उनकी टीम ने इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। गाना यूट्यूब पर 2 मिलियन+ व्यूज ले चुका है, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद कुछ लोग इसे डिफेंड कर रहे हैं कि यह लोक स्टाइल में है, जबकि ज्यादातर आलोचना कर रहे हैं।
यह बादशाह का दूसरा बड़ा विवाद नहीं – पहले भी उनके गानों में धार्मिक भावनाएं आहत करने या ऑब्जेक्टिफिकेशन के आरोप लग चुके हैं। अब देखना है कि 13 मार्च की सुनवाई में क्या होता है।
