सतपाल महाराज और हेमंत द्विवेदी ने सीएम योगी-राज्यपाल आनंदीबेन को चारधाम का न्यौता दिया, BKTC संपत्ति विनिमय पर योगी का सकारात्मक आश्वासन
उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को चारधाम यात्रा का न्यौता दिया; लखनऊ में बीकेटीसी संपत्ति विनिमय पर सकारात्मक आश्वासन
उत्तराखंड के धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज और बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने राज्यपाल और सीएम योगी को आगामी चारधाम यात्रा, बदरीनाथ और केदारनाथ धाम आने का औपचारिक न्यौता दिया।
हेमंत द्विवेदी ने बताया कि चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में केदारनाथ का भव्य पुनर्निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बदरीनाथ में कार्य तेज गति से चल रहा है। उन्होंने सीएम योगी को चारधाम यात्रा पर आने के लिए विशेष आमंत्रण दिया।
मुलाकात में बीकेटीसी अध्यक्ष ने सीएम योगी को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सौंपा – उत्तर प्रदेश में स्थित बीकेटीसी की संपत्तियों (लखनऊ और हंसुआ-फतेहपुर में कुल लगभग 86,477 वर्ग फीट भूमि) का विनिमय। इसके बदले बीकेटीसी को हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश में यूपी सरकार की उपलब्ध भूमि दी जाए।
संपत्तियों का विवरण:
लखनऊ (अमीनाबाद-गड़बड़झाला): करीब 11,000 वर्ग फीट भूमि पर तीन पुराने भवन, एक छोटा मंदिर (पूजा घर) – व्यावसायिक क्षेत्र के केंद्र में।
हंसुआ-फतेहपुर (लखनऊ से 90 किमी): 51,452 वर्ग फीट बगीचा, 24,025 वर्ग फीट पर 43 दुकानें और 2 गोदाम – जीर्ण-शीर्ण और खाली।
द्विवेदी ने बताया कि राज्य गठन के बाद दूरी अधिक होने से इन संपत्तियों की देखभाल ठीक से नहीं हो पा रही है। इनसे कोई आमदनी नहीं हो रही, बल्कि रखरखाव पर खर्च होता है। कई भू-माफियाओं की नजर इन पर है, जिससे भूमि के खुर्द-बुर्द होने का खतरा है।
सीएम योगी ने प्रस्ताव पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से भी पर्यटन-तीर्थाटन पर विस्तृत चर्चा हुई। चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं, और इस मुलाकात से उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश के बीच तीर्थाटन सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
