काशीपुर में होली के रंगों में डूबे CM धामी: अमेरिका-ईरान युद्ध पर बोले- “दुनिया को भारत के फैसले का इंतज़ार”
काशीपुर में होली के रंगों में डूबे CM धामी: अमेरिका-ईरान युद्ध पर बोले- “दुनिया को भारत के फैसले का इंतज़ार”
काशीपुर (ऊधम सिंह नगर): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को अपने गृह जनपद ऊधम सिंह नगर के काशीपुर पहुंचे। यहाँ उन्होंने नगर निगम द्वारा आयोजित भव्य ‘होली मिलन समारोह’ में शिरकत की। मुख्यमंत्री न केवल लोक संस्कृति के रंगों में रंगे नजर आए, बल्कि उन्होंने वैश्विक मुद्दों पर भारत की बढ़ती धमक को लेकर बड़ा बयान भी दिया।
वैश्विक युद्ध पर भारत का रुख: “हम न्याय के साथ”
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सीएम धामी ने कहा कि आज भारत की वैश्विक छवि बदल चुकी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा:
“आज पूरी दुनिया के अंदर कोई भी महत्वपूर्ण फैसला हो रहा होता है, तो वैश्विक शक्तियां भारत के रुख का इंतजार करती हैं। भारत हमेशा न्याय के साथ खड़ा रहा है और सही समय पर सही निर्णय लेगा।”
लोक संस्कृति और भक्ति के रंग में रंगे मुख्यमंत्री
होली मिलन कार्यक्रम में सीएम धामी पूरी तरह स्थानीय रंग में डूबे दिखे। उन्होंने पारंपरिक कुमाऊंनी होली, शास्त्रीय होली और थारू होली गायन में स्थानीय लोगों का साथ दिया।
* भक्तिमय प्रस्तुति: बिहार से आए गायक मनोज कुमार के साथ मुख्यमंत्री ने ‘राम सिया राम’ का भजन गाकर जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
* भावुक संबोधन: अपनों के बीच पहुंचकर भावुक हुए सीएम ने कहा, “यहाँ आकर मुझे जो प्रसन्नता मिलती है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।”
काशीपुर: कुमाऊं का प्रवेश द्वार और सांस्कृतिक विरासत
मुख्यमंत्री ने काशीपुर की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे ‘कुमाऊं का प्रवेश द्वार’ बताया। उन्होंने कहा कि काशीपुर की अपनी एक समृद्ध सम्राट विरासत रही है और यहाँ अनेक देव स्थान स्थित हैं।
सीएम के संबोधन की मुख्य बातें:
* सांस्कृतिक संरक्षण: “हम देवभूमि के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल अस्तित्व को बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
* आने वाली पीढ़ी: “हमारा लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और समृद्ध उत्तराखंड सौंपना है।”
* सामाजिक एकता: “होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक है।”
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री का यह दौरा जहाँ एक ओर आगामी त्योहारों के उल्लास से भरा रहा, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सशक्त भूमिका को रेखांकित करने वाला भी रहा।
