‘सेमीकंडक्टर का पावरहाउस बनेगा नोएडा’, PM मोदी ने ग्रेटर नोएडा में HCL-फॉक्सकॉन OSAT यूनिट का शिलान्यास किया
‘सेमीकंडक्टर का पावरहाउस बनेगा नोएडा’, PM मोदी ने ग्रेटर नोएडा में HCL-फॉक्सकॉन OSAT यूनिट का शिलान्यास किया; भारत को चिप मेकिंग में आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा (यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी – YEIDA, सेक्टर-28) में उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास किया। यह HCL ग्रुप और फॉक्सकॉन (ताइवान) का संयुक्त उद्यम India Chip Private Limited है, जो Outsourced Semiconductor Assembly and Test (OSAT) फैसिलिटी स्थापित करेगा। PM मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “सेमीकंडक्टर का पावरहाउस बनेगा नोएडा” – यानी नोएडा जल्द ही सेमीकंडक्टर का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।
यह परियोजना India Semiconductor Mission के तहत आगे बढ़ रही है, जिसकी शुरुआत 2021 में हुई थी। PM मोदी ने कहा कि “छोटी सी चिप में टिकी है 21वीं सदी की ताकत” और COVID-19 के दौरान चिप की कमी से दुनिया की अर्थव्यवस्था ठप हो गई थी – अब भारत इसे खुद बनाएगा। उन्होंने इसे “टेक-एड” (Tech-ade) का दशक बताया, जहां भारत टेक्नोलॉजी में विश्व गुरु बनेगा।
मुख्य डिटेल्स:
निवेश: ₹3,706 करोड़ (कुल लागत लगभग ₹4,000 करोड़)।
क्षेत्र: 48 एकड़ भूमि पर।
उत्पादन क्षमता: महीने में 20,000 वेफर्स प्रोसेसिंग, 3.6 करोड़ चिप्स प्रति माह।
रोजगार: हजारों डायरेक्ट और इंडायरेक्ट जॉब्स, खासकर युवाओं के लिए।
ऑपरेशनल: 2028 तक शुरू होने की उम्मीद।
मौके पर मौजूद: CM योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, और अन्य। CM योगी ने भूमि पूजन किया, PM मोदी वर्चुअल रूप से शामिल हुए।
PM मोदी के मुख्य बयान:
“उत्तर प्रदेश अब इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का हब बन रहा है।”
“भारत ने सेमीकंडक्टर में देर से शुरुआत की, लेकिन अब रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।”
“यह यूनिट यूपी की नई पहचान को मजबूत करेगी – डिजाइन सेंटर्स, स्टार्टअप्स और इनोवेशन आएंगे।”
“Made in India चिप्स आत्मनिर्भरता के लिए जरूरी हैं।”
यह OSAT फैसिलिटी असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग पर फोकस करेगी, जो सेमीकंडक्टर चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे भारत ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत होगा, खासकर मोबाइल, ऑटोमोटिव, AI और डिफेंस सेक्टर के लिए। नोएडा-जेवर एरिया अब “उत्तर भारत का सिलिकॉन वैली” बनने की राह पर है, जहां पहले से ही कई डिजाइन सेंटर्स हैं।
फैंस और एक्सपर्ट्स इसे “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” की बड़ी जीत बता रहे हैं। आगे कई और प्लांट्स (जैसे टाटा, माइक्रॉन) आने वाले हैं।
