राष्ट्रीय

कर्नाटक: हम्पी गैंगरेप-हत्या मामले में तीनों आरोपियों को मौत की सजा, कोर्ट ने माना ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयरेस्ट’!

कर्नाटक: हम्पी गैंगरेप-हत्या मामले में तीनों आरोपियों को मौत की सजा, कोर्ट ने माना ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयरेस्ट’!

गंगावती (कॉप्पल जिला, कर्नाटक): हम्पी के पास तुंगभद्रा नहर किनारे हुए क्रूर अपराध में तीनों आरोपियों को मौत की सजा सुनाई गई है! फर्स्ट एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट, गंगावती ने 16 फरवरी 2026 को मल्लेश (उर्फ हैंडी मल्ला), चेतन साई सिल्लेक्याटार और शरणप्पा को मौत की सजा दी। कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयरेस्ट’ (सबसे दुर्लभ मामलों में सबसे दुर्लभ) करार दिया, क्योंकि अपराध में दो महिलाओं (एक इजरायली पर्यटक और एक भारतीय होमस्टे ओनर) का गैंगरेप, एक पुरुष पर्यटक की हत्या और अन्य पर्यटकों पर हमला शामिल था।

घटना का बैकग्राउंड:

तारीख: 6 मार्च 2025 की रात।

स्थान: हम्पी के पास सनापुरा में तुंगभद्रा लेफ्ट बैंक कैनाल के किनारे (UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट के निकट)।

पीड़ित: इजरायली पर्यटक (27 वर्षीय महिला), भारतीय होमस्टे ओनर (महिला), अमेरिकी पर्यटक (डैनियल पिटास), महाराष्ट्र के पंकज पाटिल और ओडिशा के भीभाष कुमार नायक।

घटना: पर्यटक स्टारगेजिंग कर रहे थे। तीनों आरोपी (स्थानीय अपराधी) पैसे मांगने आए। इनकार पर उन्होंने तीन पुरुषों को नहर में धक्का दिया – एक की मौत (पंकज पाटिल डूबकर मरा), दो बच गए। फिर दोनों महिलाओं का गैंगरेप किया और लूटपाट की।

अपराध: हत्या, गैंगरेप, अटेम्प्ट टू मर्डर, रॉबरी, ग्रेवियस हर्ट।

कोर्ट का फैसला और ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयरेस्ट’ का आधार:

सजा: तीनों को धारा 103 BNS (हत्या) के तहत मौत की सजा। गैंगरेप (धारा 70(1), 64(1) BNS) और अन्य धाराओं में उम्रकैद/सजा।

कोर्ट का तर्क:

अपराध की क्रूरता और निर्दयता – दो गैंगरेप, हत्या, पर्यटकों पर हमला।

जुड़े हुए अपराध (connected offences): हत्या + दो गैंगरेप + अटेम्प्ट टू मर्डर + रॉबरी।

समाज पर प्रभाव: पर्यटक सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय छवि पर गहरा असर।

आरोपी पहले से अपराधी पृष्ठभूमि वाले – कोई सुधार की संभावना नहीं।

जनभावनाओं और न्याय की मांग को ध्यान में रखते हुए ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयरेस्ट’ कैटेगरी में रखा, जहां जीवन की सजा के बजाय मौत ही उचित।

ट्रायल: फरवरी 2026 में दोषसिद्धि, सजा सुनवाई के बाद मौत की सजा।

यह फैसला पर्यटक सुरक्षा, महिलाओं के खिलाफ अपराध और ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयरेस्ट’ के मानदंडों पर नया उदाहरण बन गया है। हम्पी क्षेत्र में पर्यटकों के बीच डर फैला था, लेकिन अब न्याय मिलने से राहत की बात हो रही है। सुप्रीम कोर्ट में अपील संभव है।

पीड़ित परिवारों को न्याय मिला – लेकिन ऐसे अपराधों को रोकने की जरूरत और भी ज्यादा!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *