असम CM हिमंता बिस्वा सरमा की ‘प्वाइंट ब्लैंक शॉट’ वीडियो पर ओवैसी का बड़ा एक्शन: हैदराबाद में दर्ज कराई FIR
असम CM हिमंता बिस्वा सरमा की ‘प्वाइंट ब्लैंक शॉट’ वीडियो पर ओवैसी का बड़ा एक्शन: हैदराबाद में दर्ज कराई FIR, बोले- ‘नरसंहार वाली नफरत भरी स्पीच’
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ अब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कानूनी कार्रवाई की है। विवादास्पद AI-जनरेटेड वीडियो (जिसमें सरमा को बंदूक से मुसलमानों जैसी तस्वीरों पर प्वाइंट-ब्लैंक गोली चलाते दिखाया गया था) को लेकर ओवैसी ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर को शिकायत दर्ज कराई है। ओवैसी ने इसे “genocidal hate speech” (नरसंहार वाली नफरत भरी भाषण) बताया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
असम बीजेपी के ऑफिशियल X हैंडल से 7 फरवरी 2026 को पोस्ट किया गया 17 सेकंड का वीडियो वायरल हुआ।
वीडियो में सरमा को एयर राइफल थामे फ्रेम्ड तस्वीरों पर गोली चलाते दिखाया गया—तस्वीरों में स्कलकैप (जालीदार टोपी) पहने व्यक्ति (एक गौरव गोगोई जैसा), दाढ़ी वाले मुसलमान।
कैप्शन: “Point Blank Shot”।
टेक्स्ट: “No Mercy”, “Foreigner-free Assam”, “No forgiveness to Bangladeshis”, “Why did you not go to Pakistan?” आदि।
वीडियो में असली फुटेज (सरमा राइफल चलाते) और AI इमेजेस का मिश्रण था।
भारी विरोध के बाद बीजेपी ने वीडियो डिलीट कर दिया, लेकिन स्क्रीनशॉट्स और क्लिप्स वायरल हैं।
ओवैसी की FIR/शिकायत के मुख्य पॉइंट्स:
ओवैसी ने कहा: यह वीडियो मुसलमानों (खासकर बंगाली-ओरिजिन ‘मिया’ मुसलमानों) के खिलाफ नफरत फैलाने और हिंसा भड़काने वाला है।
इसे भारतीय दंड संहिता की धाराओं (IPC 153A – धार्मिक आधार पर दुश्मनी, 295A – धार्मिक भावनाएं आहत करना, आदि) के तहत दर्ज करने की मांग।
ओवैसी: “यह सिर्फ राजनीतिक नहीं, संवैधानिक मूल्यों पर हमला है। ऐसे कंटेंट से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा खतरे में है।”
शिकायत हैदराबाद में दर्ज की गई क्योंकि ओवैसी वहां से सांसद हैं, और वीडियो सोशल मीडिया पर पूरे देश में फैला।
अन्य प्रतिक्रियाएं:
कांग्रेस ने इसे “call to genocide” कहा, EC को टैग किया।
अन्य विपक्षी नेताओं (सुप्रिया श्रीनेत, केसी वेणुगोपाल) ने भी निंदा की।
सरमा ने सफाई दी कि वीडियो उन्होंने नहीं देखा/पोस्ट नहीं किया, लेकिन असम में “अवैध घुसपैठ” (बांग्लादेशी) के खिलाफ उनका रुख सख्त है।
असम विधानसभा चुनाव (2026) से पहले यह विवाद सांप्रदायिक तनाव बढ़ा सकता है।
यह घटना असम की सियासत में नया मोड़ लाई है, जहां बीजेपी का “फॉरेनर-फ्री असम” नैरेटिव और विपक्ष का “हेट स्पीच” आरोप आमने-सामने हैं।
