‘प्वाइंट ब्लैंक शॉट’ विवाद: असम CM के हाथ में बंदूक, AI वीडियो में निशाने पर जालीदार टोपी वाला शख्स, मचा बवाल
‘प्वाइंट ब्लैंक शॉट’ विवाद: असम CM हिमंता बिस्वा सरमा के हाथ में बंदूक, AI वीडियो में निशाने पर जालीदार टोपी वाला गौरव गोगोई जैसा शख्स – BJP ने पोस्ट डिलीट किया, कांग्रेस ने ‘नरसंहार का आह्वान’ बताया
असम की राजनीति में नया तूफान! असम बीजेपी के आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल से 7 फरवरी 2026 को एक AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया गया, जिसका कैप्शन था “Point Blank Shot”। वीडियो में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को एयर राइफल (बंदूक) थामे दिखाया गया, जो दीवार पर टंगी फ्रेम्ड तस्वीरों पर प्वाइंट-ब्लैंक रेंज से गोली चलाते नजर आते हैं।
वीडियो में क्या था?
निशाने पर दो तस्वीरें: एक व्यक्ति जालीदार टोपी (स्कलकैप) पहने हुए, जिसका चेहरा असम कांग्रेस प्रमुख और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई से मिलता-जुलता बताया जा रहा है।
दूसरा व्यक्ति दाढ़ी वाला (मुस्लिम पहचान से जुड़ा)।
वीडियो में असमिया और अंग्रेजी में टेक्स्ट जैसे: “No Mercy”, “Foreigner-free Assam”, “Why did you not go to Pakistan?”, “There is no forgiveness to Bangladeshis” (बांग्लादेशियों पर रहम नहीं)।
अंत में सरमा को काउबॉय स्टाइल में बंदूक लहराते दिखाया गया।
यह वीडियो असल फुटेज (सरमा एयर राइफल चलाते हुए) और AI-जनरेटेड इमेजेस का मिश्रण था, कुल 17 सेकंड लंबा।
वीडियो वायरल होने के बाद भारी विवाद हुआ (5 लाख+ व्यूज), विपक्ष ने इसे “नरसंहार का आह्वान” (call to genocide) और मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने वाला बताया। कांग्रेस नेताओं (केसी वेणुगोपाल, सुप्रिया श्रीनेत, असदुद्दीन ओवैसी आदि) ने कहा कि यह अल्पसंख्यकों की “टार्गेटेड हत्या” को बढ़ावा देता है। बीजेपी को मजबूरन वीडियो डिलीट करना पड़ा, लेकिन विवाद थमा नहीं।
बैकग्राउंड और कनेक्शन
यह विवाद असम विधानसभा चुनाव (2026) से पहले आया है।
हाल ही में हिमंता सरमा ने गौरव गोगोई पर पाकिस्तान कनेक्शन का आरोप लगाया था (गोगोई की 2013 पाकिस्तान यात्रा और पत्नी के पुराने लिंक्स का जिक्र)। उन्होंने MHA से जांच की मांग की।
विपक्ष का कहना है कि यह वीडियो उसी आरोपों को प्रतीकात्मक रूप से हिंसक बनाता है, और मुस्लिम-विरोधी रुख को बढ़ावा देता है (असम में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा पुराना है)।
बीजेपी की तरफ से अभी कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई, लेकिन डिलीट करके “ट्रोल कंटेंट” जैसा बचाव हो रहा है।
यह घटना असम की सियासत में सांप्रदायिक तनाव को और बढ़ा सकती है। कांग्रेस ने न्यायपालिका और चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
