गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ी! सांसद पप्पू यादव IGIMS से PMCH शिफ्ट, 2 दिन की न्यायिक हिरासत
गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ी! सांसद पप्पू यादव IGIMS से PMCH शिफ्ट, 2 दिन की न्यायिक हिरासत
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य में अचानक गिरावट आई है। पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात (6 फरवरी 2026) उनके पटना स्थित मंदिरी आवास से 1995 के 31-35 साल पुराने एक मामले (जालसाजी, धोखाधड़ी और संपत्ति से जुड़े आरोप) में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा चला—पप्पू यादव ने विरोध किया और दावा किया कि यह राजनीतिक साजिश है, खासकर हाल के NEET छात्र मौत मामले पर उनकी आवाज उठाने के बाद।
गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई—सीने में दर्द, बेचैनी और हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत हुई। पुलिस ने उन्हें तुरंत IGIMS (इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) ले जाया, जहां रात भर स्ट्रेचर पर रखा गया (बेड न मिलने की वजह से)। शनिवार सुबह (7 फरवरी 2026) उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) में शिफ्ट कर दिया, जहां वे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं और इलाज जारी है।
न्यायिक हिरासत: कोर्ट ने उन्हें 2 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। MP-MLA विशेष अदालत में पेशी हुई, जहां जमानत अर्जी दाखिल की गई लेकिन फिलहाल रिजेक्ट हो गई। पुलिस ने मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया।
पृष्ठभूमि: मामला 1995 का है, जहां पप्पू यादव पर पटना के गार्डनिबाग इलाके में घर किराए पर लेकर पार्टी ऑफिस बनाने का फ्रॉड का आरोप था। वे कोर्ट में पेश नहीं हुए थे, इसलिए वारंट जारी हुआ।
राजनीतिक हलचल: राहुल गांधी ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। पप्पू यादव के समर्थक और परिवार वाले बेहतर इलाज की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि प्रक्रिया कानूनी है।
वर्तमान स्थिति: PMCH में उनकी निगरानी में इलाज चल रहा है। समर्थकों में चिंता है कि गिरफ्तारी के दौरान चोट या तनाव से तबीयत बिगड़ी।
बिहार की सियासत में यह घटनाक्रम नया विवाद खड़ा कर रहा है! क्या यह पुराना केस या राजनीतिक दबाव? कमेंट में अपनी राय बताएं।
