‘2.5 साल का फॉर्मूला तय था, सिद्धारमैया ने वादा किया था…’ DK कैंप के MLA का बड़ा दावा!
‘2.5 साल का फॉर्मूला तय था, सिद्धारमैया ने वादा किया था…’ DK कैंप के MLA का बड़ा दावा!
कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर घमासान फिर तेज हो गया है। DK शिवकुमार कैंप के विधायकों ने दावा किया कि 2023 में सरकार बनते समय 2.5-2.5 साल का पावर शेयरिंग फॉर्मूला तय हुआ था, जिसमें सिद्धारमैया ने वादा किया था कि वे आधा कार्यकाल पूरा करने के बाद कुर्सी DK शिवकुमार को सौंप देंगे। अब सिद्धारमैया के 2.5 साल पूरे होने पर यह मुद्दा फिर गरमाया है।
DK कैंप के प्रमुख विधायक बसवराज शिवगंगा और अशोक राय ने खुलकर कहा: “2.5 साल का फॉर्मूला तय था, सिद्धारमैया ने वादा किया था… अब समय आ गया है कि इसे पूरा किया जाए।” उन्होंने कांग्रेस हाईकमान से मांग की कि समझौते का सम्मान हो और DK शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाए।
पृष्ठभूमि: 2023 विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की जीत में सिद्धारमैया (AHINDA वोट बैंक) और DK शिवकुमार (वokkaliga समुदाय) दोनों की बड़ी भूमिका थी। सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान की बैठक में (मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल आदि मौजूद) यह रोटेशनल फॉर्मूला तय हुआ था, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया।
सिद्धारमैया का रुख: CM सिद्धारमैया ने बार-बार इनकार किया है कि उन्होंने कभी 2.5 साल का वादा नहीं किया। वे कहते हैं, “मैं पूरे 5 साल का कार्यकाल पूरा करूंगा।” उन्होंने हाईकमान से भी समर्थन मांगा है।
वर्तमान स्थिति: फरवरी 2026 तक यह विवाद जारी है। DK शिवकुमार दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं, उनके समर्थक हाईकमान पर दबाव बना रहे हैं। पार्टी में डर है कि अगर फैसला नहीं हुआ तो 2028 चुनाव में नुकसान हो सकता है।
हाईकमान का इंतजार: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि राज्य स्तर पर कन्फ्यूजन है, लेकिन अंतिम फैसला हाईकमान लेगा। कुछ रिपोर्ट्स में दिसंबर 2025 में फैसला टल गया था, अब फिर चर्चा है।
कर्नाटक कांग्रेस में यह गुटबाजी पार्टी के लिए बड़ा सिरदर्द बनी हुई है। क्या हाईकमान DK शिवकुमार को मौका देगा या सिद्धारमैया पूरे टर्म पर अड़े रहेंगे? राजनीतिक गलियारों में सस्पेंस जारी है! क्या आपको लगता है फॉर्मूला लागू होना चाहिए? कमेंट में बताएं!
