घूसखोर पंडत विवाद: लखनऊ में नेटफ्लिक्स वेब सीरीज के डायरेक्टर और टीम पर FIR, ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश
घूसखोर पंडत विवाद: लखनऊ में नेटफ्लिक्स वेब सीरीज के डायरेक्टर और टीम पर FIR, ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नेटफ्लिक्स पर आने वाली विवादित वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ (Ghooskhor Pandat) पर पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। हजरतगंज थाने में डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और पूरी टीम के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामला जातिगत अपमान, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का है।
क्या है पूरा मामला?
सीरीज का टाइटल ‘घूसखोर पंडत’ ब्राह्मण समाज को लक्षित कर अपमानजनक माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर ट्रेलर/प्रमोशनल क्लिप्स वायरल होने के बाद ब्राह्मण संगठनों में भारी रोष फैला।
लोग आरोप लगा रहे हैं कि ये एक पूरे समुदाय (ब्राह्मण) को भ्रष्ट और घूसखोर दिखाने की साजिश है।
विरोध इतना बढ़ा कि प्रयागराज में एक्टर-डायरेक्टर का पुतला फूंका गया, कई जगहों पर प्रदर्शन हुए।
मायावती ने भी X पर पोस्ट कर कहा: “किसी भी समुदाय की छवि खराब करना उचित नहीं, केंद्र सरकार बैन लगाए।”
पुलिस एक्शन के डिटेल्स
कब और कहां? 5-6 फरवरी 2026 को हजरतगंज कोतवाली (सेंट्रल जोन) में मामला दर्ज।
वादी कौन? थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने खुद संज्ञान लेकर FIR दर्ज कराई।
आदेश किसके? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ये कार्रवाई हुई।
धाराएं: भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (जाति-धर्म आधारित नफरत फैलाना), 299 (भावनाएं आहत करना), 352-353 (शांति भंग करने का प्रयास) आदि।
पुलिस का कहना: कंटेंट से शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है, इसलिए तुरंत एक्शन।
सीरीज के बारे में
मनोज बाजपेयी स्टारर थ्रिलर वेब सीरीज, डायरेक्टर नीरज पांडे।
कहानी भ्रष्टाचार, पावर स्ट्रगल पर आधारित – एक पुलिस अधिकारी ‘पंडत’ को घूसखोर दिखाया गया है।
विवाद के बाद डायरेक्टर ने कुछ प्रमोशनल मटेरियल हटाने का फैसला किया, लेकिन FIR रुक नहीं पाई।
दिल्ली हाई कोर्ट में भी बैन की याचिका दायर, भोपाल में पहले विरोध प्रदर्शन हो चुके।
ब्राह्मण समाज और कई संगठन अब बैन की मांग कर रहे हैं। पुलिस जांच जारी है – क्या OTT प्लेटफॉर्म पर एक्शन होगा, ये देखना बाकी है। ये मामला फ्री स्पीच vs धार्मिक/जातिगत संवेदनशीलता की बहस को फिर गरमा रहा है।
