3 बहनों की सुसाइड मिस्ट्री: गाजियाबाद केस में क्या-क्या खुलासे हुए, जानिए पूरी कहानी
3 बहनों की सुसाइड मिस्ट्री: गाजियाबाद केस में क्या-क्या खुलासे हुए, जानिए पूरी कहानी
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 4 फरवरी 2026 की देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जब भारत सिटी सोसाइटी की B-1 टावर की 9वीं मंजिल से तीन सगी नाबालिग बहनों ने कूदकर आत्महत्या कर ली। तीनों बहनें—निशिका (16 साल), प्राची (14 साल) और पाखी (12 साल)—रात करीब 2:15 बजे एक-एक करके छलांग लगा दीं। चश्मदीदों ने बताया कि तीनों ने हाथ पकड़कर कूदने की कोशिश की, लेकिन पहले एक, फिर दो ने छलांग लगाई। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ब्रेन हैमरेज और खून बहना बताया गया।
सुसाइड नोट और डायरी से बड़े खुलासे
मौके से 8 पेज का सुसाइड नोट और डायरी बरामद हुई, जिसमें बहनों ने लिखा:
“Sorry Papa, I am sorry… हम कोरियन नहीं छोड़ सकते, कोरिया हमारी जिंदगी और जान है।”
उन्होंने परिवार पर आरोप लगाया कि वे कोरियन कल्चर (K-pop, K-dramas, Korean stars) को अपनाने से रोकते थे।
तीनों ने खुद को मारिया, एलिजा और सिंडी जैसे कोरियन नाम दिए थे। उनका रहन-सहन, हेयरस्टाइल, कपड़े सब कोरियन स्टाइल में था।
वे अपनी 3 साल की छोटी बहन देव्यांशी (देवु) को भी कोरियन लवर बनाना चाहती थीं, जिस पर परिवार से मारपीट होती थी। नोट में लिखा: “देवु को अपना बनाना चाहते थे, लेकिन आपने मौका नहीं दिया।”
वे इंडियन लड़के से शादी के सपने से डरती थीं और कोरियन से ही शादी करना चाहती थीं।
कोरियन ‘लव गेम’ या एडिक्शन का कनेक्शन?
शुरुआती जांच में पुलिस ने एक टास्क-बेस्ड कोरियन ऑनलाइन लव गेम (Korean lover game) को मुख्य वजह माना, जिसमें टास्क पूरे करने पर ‘लव’ या रिलेशनशिप टास्क होते हैं। बहनों को इसकी लत थी। पिता चेतन कुमार (स्टॉक ट्रेडर) ने बताया कि वे कोरियन कंटेंट और गेम्स में डूबी रहती थीं। फोन छीनने के बाद वे बहुत परेशान हो गईं। हालांकि पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि कोई ‘सुसाइड गेम’ नहीं था—वे मुख्य रूप से कोरियन ड्रामे देखती थीं और गेम्स खेलती थीं, लेकिन कोई डायरेक्ट ‘डेथ टास्क’ नहीं मिला।
पारिवारिक और आर्थिक बैकग्राउंड
पिता चेतन की दो शादियां हैं—पहली पत्नी से कोई संतान नहीं, इसलिए सगी साली से दूसरी शादी की, जिससे तीन बहनें हुईं। बाद में पहली पत्नी से भी बच्चे हुए।
परिवार पर 2 करोड़ रुपये का कर्ज था। पिता ने लड़कियों के फोन बेच दिए थे और कोविड के बाद स्कूल नहीं भेजा (सबसे बड़ी क्लास 4 में अटकी थी)।
आर्थिक तंगी, फोन छीनना और कोरियन कल्चर पर रोक ने उन्हें इमोशनली ब्रेकडाउन कर दिया।
पुलिस जांच और अपडेट
पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है—गेम ऐप, सोशल मीडिया अकाउंट्स (पिता ने डिलीट कर दिए थे), परिवार की स्थिति। अभी तक कोई बाहरी साजिश नहीं मिली। यह केस डिजिटल एडिक्शन, मेंटल हेल्थ और पैरेंटिंग की चेतावनी दे रहा है। फैंस और सोशल मीडिया पर #GhaziabadSistersSuicide ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग गेमिंग एडिक्शन पर बहस कर रहे हैं। पिता ने कहा, “प्लीज बच्चों को गेम न खेलने दें… मेरा संसार उजड़ गया।”
यह घटना बेहद दुखद है और डिजिटल दुनिया के खतरों को उजागर करती है।
