राजनीति

बिहार में फिर से चुनाव? प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, 2025 चुनाव रद्द करने की मांग

बिहार में फिर से चुनाव? प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, 2025 चुनाव रद्द करने की मांग

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने के बाद अब राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने 2025 के चुनावों को रद्द करने और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव के दौरान मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हुआ, जिसने चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित किया।

जन सुराज पार्टी की याचिका में मुख्य आरोप बिहार सरकार पर लगाया गया है कि उसने चुनाव आचार संहिता लागू होने के दौरान मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लाखों महिलाओं को 10,000 रुपये प्रत्यक्ष ट्रांसफर किए। पार्टी का दावा है कि 25-35 लाख महिलाओं को नए लाभार्थी बनाकर पैसे दिए गए, जो मतदाताओं को प्रभावित करने की साजिश थी। यह ‘अवैध, असंवैधानिक और भ्रष्ट अभ्यास’ था, जिसने चुनाव को प्रभावित किया।

सुप्रीम कोर्ट में यह मामला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत और जस्टिस जोयमल्या बागची की बेंच के सामने शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की उम्मीद है। जन सुराज पार्टी का चुनावी प्रदर्शन बेहद खराब रहा—उसने कोई सीट नहीं जीती और ज्यादातर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। प्रशांत किशोर ने चुनाव से पहले बड़े दावे किए थे, लेकिन नतीजे उनके खिलाफ गए।

यह याचिका बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है। अगर सुप्रीम कोर्ट चुनाव रद्द करने का आदेश देता है, तो राज्य में नए चुनाव होंगे, जो नीतीश कुमार की सरकार के लिए बड़ा झटका होगा। विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर हमलावर हैं, जबकि जेडीयू-बीजेपी गठबंधन ने आरोपों को खारिज किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि MCC उल्लंघन के सबूत मजबूत होने पर कोर्ट हस्तक्षेप कर सकता है, लेकिन फैसला अभी बाकी है। क्या बिहार में फिर से मतदान होगा? सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं।

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