‘कांग्रेस राज में लिंचिंग होती थी’, राज्यसभा में भड़कीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण: खड़गे पर तीखा हमला, राजस्थान-केरल के उदाहरण दिए!
‘कांग्रेस राज में लिंचिंग होती थी’, राज्यसभा में भड़कीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण: खड़गे पर तीखा हमला, राजस्थान-केरल के उदाहरण दिए!
नई दिल्ली: बजट सत्र 2026 में राज्यसभा में आज (5 फरवरी 2026) गरमागरम बहस के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे पर जमकर निशाना साधा। खड़गे द्वारा सरकार पर ‘लिंचिंग’ का आरोप लगाने के जवाब में सीतारमण ने कहा, “कांग्रेस के राज में लिंचिंग होती थी। ये कांग्रेस वाले लिंचिंग की बात करते हैं, लेकिन उनके शासनकाल में क्या हुआ?”
सीतारमण ने कांग्रेस पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए विशिष्ट उदाहरण दिए:
राजस्थान में कन्हैयालाल टेलर हत्याकांड: उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राजस्थान में एक टेलर (कन्हैयालाल) को बीजेपी प्रवक्ता के एक बयान पर आधारित लिंचिंग का शिकार बनाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
केरल में शिक्षक फादर जोसेफ का मामला: कांग्रेस शासन में केरल में एक शिक्षक के हाथ काट दिए गए थे, लेकिन तब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सीतारमण ने खड़गे से कहा, “मैं लोकसभा में विपक्ष के नेता का सम्मान करती हूं, लेकिन ‘लिंचिंग’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल गलत है। मैं चाहूंगी कि ये शब्द रिकॉर्ड से हटाए जाएं। कांग्रेस बार-बार मर्यादा तोड़ रही है।” उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि राजनीति के नाम पर झूठे आरोप न लगाएं और सदन की गरिमा बनाए रखें।
यह टिप्पणी सदन में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब और लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने न दिए जाने के मुद्दे पर हो रही बहस के दौरान आई। खड़गे ने सरकार पर लोकतंत्र दबाने का आरोप लगाया था, जिस पर जेपी नड्डा ने ‘अबोध बालक’ का तंज कसा। सीतारमण का बयान सदन में हंगामा बढ़ाने वाला रहा, विपक्ष ने इसका विरोध किया और कुछ सांसदों ने वॉकआउट भी किया।
सोशल मीडिया पर ‘कांग्रेस राज में लिंचिंग’ वाले बयान से मीम्स और ट्रोल्स की बाढ़ आ गई है। बीजेपी इसे कांग्रेस के ‘दोहरे मापदंड’ के खिलाफ मजबूत जवाब बता रही है, जबकि कांग्रेस ने इसे राजनीतिक भड़काऊ बयान करार दिया। संसद में गतिरोध जारी है, और आज शाम पीएम मोदी के राज्यसभा में भाषण की उम्मीद है।
