राज्यसभा: मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी को बोलने न दिए जाने पर सरकार पर साधा निशाना, ‘लोकतंत्र खतरे में’ का आरोप!
राज्यसभा: मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी को बोलने न दिए जाने पर सरकार पर साधा निशाना, ‘लोकतंत्र खतरे में’ का आरोप!
नई दिल्ली: बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में आज (5 फरवरी 2026) विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर तीखा हमला बोला। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही उन्होंने लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने न दिए जाने का मुद्दा उठाया और कहा कि संसद का मतलब सिर्फ राज्यसभा नहीं, बल्कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी देश के हित से जुड़े मुद्दों पर बोलना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा, “आप इस तरह सदन कैसे चला सकते हैं? पिछले चार दिनों से सदन ठीक से नहीं चल रहा क्योंकि लोकसभा के नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा। एक सदन को पंगु बनाकर अपनी गलतियां छिपाई नहीं जा सकतीं।”
खड़गे ने आगे कहा कि जब राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब (2020 भारत-चीन संघर्ष पर) का जिक्र करना चाहते थे, तो उन्हें रोका गया। राज्यसभा में भी खड़गे को उसी किताब से उद्धरण देने की इजाजत नहीं मिली, जिसके बाद विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी जब देश के हित में बोलते हैं, तो आपको खुजली उठती है। आप लोकतंत्र को दबा रहे हैं।”
जेपी नड्डा के ‘अबोध बालक’ वाले तंज पर पलटवार करते हुए खड़गे ने कहा, “आपको तो मोदी जी ने बंधक बना रखा है। आप उनकी राय के बिना एक शब्द भी नहीं बोल सकते। अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए—यह बात आप पर ज्यादा लागू होती है।” उन्होंने सरकार पर लोकतंत्र को खतरे में डालने का आरोप लगाया और कहा कि संसदीय परंपराओं का उल्लंघन हो रहा है।
खड़गे ने पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी पर बीजेपी सांसदों द्वारा अपमानजनक टिप्पणियों की भी निंदा की। सदन में हंगामा के बीच उपसभापति ने कुछ टिप्पणियां रिकॉर्ड से हटा दीं। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार बहस को दबा रही है, जबकि सरकार ने कहा कि लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं हो सकती।
यह बहस राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हुई, जहां पीएम मोदी बाद में राज्यसभा में बोलने वाले हैं। सोशल मीडिया पर ‘खुजली’ और ‘बंधक’ वाले बयानों से मीम्स की बाढ़ आ गई है। संसद में गतिरोध जारी है, और विपक्ष ने मांग की है कि राहुल गांधी को पूरा बोलने का मौका दिया जाए।
