अरब सागर में बढ़ा तनाव: US नेवी ने ईरानी ड्रोन को मार गिराया, अब्राहम लिंकन कैरियर के पास पहुंचा था Shahed-139
अरब सागर में बढ़ा तनाव: US नेवी ने ईरानी ड्रोन को मार गिराया, अब्राहम लिंकन कैरियर के पास पहुंचा था Shahed-139
नई दिल्ली/वाशिंगटन, 3 फरवरी 2026: अरब सागर में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार को घोषणा की कि US नेवी ने ईरान के एक ड्रोन को मार गिराया, जो USS अब्राहम लिंकन (CVN-72) एयरक्राफ्ट कैरियर के करीब “आक्रामक तरीके से” पहुंच रहा था। घटना अंतरराष्ट्रीय जल में हुई, जहां कैरियर ईरान के दक्षिणी तट से लगभग 800 किलोमीटर (500 मील) दूर था।
CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि ईरानी Shahed-139 ड्रोन “अस्पष्ट इरादे” से कैरियर की ओर बढ़ रहा था। अमेरिकी बलों ने पहले डी-एस्केलेशन के उपाय किए, लेकिन ड्रोन ने रुकने से इनकार कर दिया। इसके बाद अब्राहम लिंकन से उड़े F-35C फाइटर जेट ने सेल्फ-डिफेंस में ड्रोन को नष्ट कर दिया। कोई अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ और कोई उपकरण क्षतिग्रस्त नहीं हुआ।
घटना का बैकग्राउंड
यह घटना उसी दिन हुई जब ईरानी छोटी नौकाओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अमेरिकी फ्लैग वाले मर्चेंट जहाज को परेशान किया। US नेवी के एक डिस्ट्रॉयर ने जहाज की मदद की।
अरब सागर और होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की ओर से ड्रोन और छोटी नौकाओं के जरिए अमेरिकी जहाजों को “परेशान” करने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
अमेरिका ने हाल ही में USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को मिडिल ईस्ट में तैनात किया है, जो ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति दिखाता है।
ईरान ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन पिछले मामलों में वह ऐसी घटनाओं को “प्रतिक्रिया” या “रक्षा” बताता रहा है।
बढ़ता तनाव और संभावित प्रभाव
अमेरिका-ईरान संबंध ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में पहले से ही तनावपूर्ण हैं। ईरान पर नए प्रतिबंध, क्षेत्रीय संघर्ष (यमन, इजराइल-हमास) और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत रुकी हुई है। हाल ही में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बातचीत का संकेत दिया था, लेकिन इस तरह की घटनाएं वार्ता की संभावनाओं पर सवाल उठाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह “सेल्फ-डिफेंस” का मामला है, लेकिन ईरान इसे “उकसावा” बता सकता है।
अरब सागर में US नेवी की मौजूदगी बढ़ने से तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर असर पड़ सकता है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का 20% तेल गुजरता है।
CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी बल “अंतरराष्ट्रीय जल में अपनी सुरक्षा सुनिश्चित” करेंगे और किसी भी “आक्रामक” कार्रवाई का जवाब देंगे।
यह घटना मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान टकराव को और गहरा कर सकती है। स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं कि ईरान कैसे जवाब देता है और क्या यह युद्ध की ओर बढ़ता है या डिप्लोमेसी से सुलझता है।
