जेल से एंबुलेंस में पहुंचे JDU विधायक अनंत सिंह ने ली शपथ: बोले ‘निर्दोष हूं, इंसाफ मिलेगा’
जेल से एंबुलेंस में पहुंचे JDU विधायक अनंत सिंह ने ली शपथ: बोले ‘मैं निर्दोष हूं, मुझे इंसाफ मिलेगा’
बिहार की राजनीति में एक अनोखा नजारा देखने को मिला जब जदयू (JDU) के बाहुबली विधायक अनंत कुमार सिंह बेऊर जेल से एंबुलेंस में सवार होकर बिहार विधानसभा पहुंचे और मोकामा से चुने गए MLA के रूप में शपथ ली। दुलारचंद यादव हत्याकांड में तीन महीने से न्यायिक हिरासत में बंद अनंत सिंह ने कड़ी सुरक्षा के बीच सदन में शपथ ग्रहण की।
शपथ लेने के बाद अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैं निर्दोष हूं, मुझे इंसाफ मिलेगा।” उन्होंने विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार से मुलाकात की और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। नीतीश कुमार ने उनके तिलक के बारे में पूछा, जिस पर अनंत सिंह ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। शपथ के दौरान उनका माइक बंद था, लेकिन उन्होंने बिना कागज पढ़े धाराप्रवाह शपथ पूरी की—संविधान के प्रति निष्ठा, भारत की प्रभुता-अखंडता बनाए रखने और विधायक के कर्तव्यों का पालन करने की।
जेल से विधानसभा तक का सफर
अनंत सिंह को 1 नवंबर 2025 को दुलारचंद यादव (जन सुराज पार्टी समर्थक) हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया था।
विधानसभा चुनाव में जेल से ही उन्होंने मोकामा सीट पर JDU टिकट पर जीत हासिल की।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने सोमवार को विशेष अनुमति दी कि वे केवल शपथ ग्रहण के लिए सदन में शामिल हो सकें।
मंगलवार सुबह एंबुलेंस (स्वास्थ्य जांच के नाम पर) से उन्हें विधानसभा लाया गया, शपथ के बाद वापस जेल भेज दिया गया।
शपथ ग्रहण के बाद उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हुई, वे जेल में ही रहेंगे।
राजनीतिक महत्व
अनंत सिंह, जो पहले अपराध की दुनिया से जुड़े रहे और बाद में राजनीति में आए, नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं। उनकी शपथ JDU-नीतीश सरकार के लिए एक मजबूत संदेश है कि पार्टी अपने विधायकों का साथ देती है। विधानसभा में अन्य विधायकों ने भी उनका स्वागत किया, कुछ ने सेल्फी ली।
यह घटना बिहार की राजनीति में बाहुबलियों की भूमिका और कानूनी चुनौतियों को फिर से उजागर करती है। अनंत सिंह के समर्थक इसे ‘इंसाफ की जीत’ बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे ‘अपराधियों को संरक्षण’ कह रहा है। स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं कि आगे क्या होता है।
