लोकसभा में राहुल गांधी का तीखा हमला: चीन मुद्दा फिर उठाया, ‘मुझे बोलने क्यों नहीं दिया जा रहा?’, सदन में हंगामा, कार्यवाही बार-बार स्थगित
लोकसभा में राहुल गांधी का तीखा हमला: चीन मुद्दा फिर उठाया, ‘मुझे बोलने क्यों नहीं दिया जा रहा?’, सदन में हंगामा, कार्यवाही बार-बार स्थगित
लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज (मंगलवार) लगातार दूसरे दिन चीन के साथ सीमा विवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित संस्मरण ‘Four Stars of Destiny’ पर आधारित मैगजीन आर्टिकल का हवाला देते हुए उन्होंने सरकार पर निशाना साधा, जिससे सदन में भारी हंगामा मच गया और कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा, “कल मैंने एक आर्टिकल के आधार पर भाषण शुरू किया था। अब मैं चाहता हूं कि उस आर्टिकल को प्रमाणित (ऑथेंटिकेट) किया जाए।” उन्होंने पीठासीन अधिकारी से आग्रह किया कि आर्टिकल को सदन के पटल पर रखा जाए और जांच की जाए। राहुल ने आगे कहा, “राष्ट्रपति के अभिभाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है। अमेरिका, चीन और पाकिस्तान के बीच संबंधों का सवाल है। आज दुनिया के मंच पर मुख्य मुद्दा चीन-अमेरिका टकराव है। यह राष्ट्रपति के भाषण का मुख्य हिस्सा है।”
उन्होंने जोर देकर कहा, “मैं बस इतना कह रहा हूं कि चीन और भारत के बीच क्या हुआ और प्रधानमंत्री ने इस पर कैसे रिएक्ट किया, मुझे इस बारे में बोलने दिया जाए। मुझे क्यों रोका जा रहा है? मैं विपक्ष का नेता हूं, मुझे बोलने का अधिकार है।” राहुल ने डोकलाम में चार चीनी टैंकों के घुसने और गलवान जैसे मुद्दों का जिक्र किया, साथ ही पूछा कि “प्रधानमंत्री पर बहुत दबाव है, इसलिए उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा।”
हंगामा और स्थगन का सिलसिला
जैसे ही राहुल गांधी ने नरवणे की किताब के अंश पढ़ने की कोशिश की, सत्ता पक्ष के सांसदों ने तुरंत आपत्ति जताई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि अप्रकाशित किताब या अनवेरिफाइड स्रोत से उद्धरण सदन के नियम 349 का उल्लंघन है। स्पीकर ओम बिरला और पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राहुल को चेतावनी दी कि सदन की गरिमा बनाए रखें और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर ही बोलें।
हंगामा बढ़ने पर सदन को पहले दोपहर 3 बजे तक, फिर शाम तक और अंत में दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की और आरोप लगाया कि सरकार राहुल गांधी को बोलने से रोक रही है। एक विपक्षी सांसद ने पीठासीन को “यार” कहकर संबोधित किया, जिस पर पीठासीन ने कड़ी फटकार लगाई।
सदन के बाहर राहुल का पलटवार
कार्यवाही स्थगित होने के बाद संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, “मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा क्योंकि सरकार असहज है। प्रधानमंत्री कम्प्रोमाइज्ड हैं। भारत-अमेरिका ट्रेड डील में किसानों के हित बेचे गए। पूरा देश बिक गया है।” उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को पहली बार बोलने से रोका गया।
सरकार की ओर से राजनाथ सिंह ने कहा कि अप्रकाशित किताब का जिक्र गलत है और यह सेना की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। अमित शाह ने राहुल पर सदन का समय बर्बाद करने और नियम तोड़ने का आरोप लगाया।
यह विवाद बजट सत्र में भारत-चीन सीमा मुद्दे को राजनीतिक हथियार बना रहा है। कांग्रेस इसे सरकार की कमजोरी बताकर दबाव बना रही है, जबकि भाजपा इसे ‘देश विरोधी’ बयानबाजी कह रही है। स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं कि चर्चा कब और कैसे आगे बढ़ेगी।
