राजनीति

पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी ममता बनर्जी की TMC: कांग्रेस से कोई गठबंधन नहीं, दो-तिहाई बहुमत का दावा

पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी ममता बनर्जी की TMC: कांग्रेस से कोई गठबंधन नहीं, दो-तिहाई बहुमत का दावा

कोलकाता, 3 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने आगामी 2026 विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी को अकेले मैदान में उतारने का बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि TMC कांग्रेस या किसी अन्य दल से गठबंधन नहीं करेगी और अकेले ही बीजेपी का मुकाबला करेगी। ममता ने पार्टी विधायकों की बैठक में दावा किया कि TMC दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी और चौथी बार सरकार बनाएगी।

ममता बनर्जी ने कहा, “कांग्रेस का बंगाल में कोई आधार नहीं है। हम अकेले लड़ेंगे और अकेले जीतेंगे। किसी गठबंधन की जरूरत नहीं है। TMC खुद ही काफी मजबूत है।” उन्होंने पार्टी नेताओं को निर्देश दिए कि चुनाव की तैयारियां तुरंत शुरू की जाएं और संगठन को मजबूत किया जाए। ममता ने दिल्ली और हरियाणा में कांग्रेस-AAP के बीच वोट कटवा के कारण बीजेपी की जीत का हवाला देते हुए कहा कि विपक्षी एकता जरूरी है, लेकिन बंगाल में TMC को किसी की मदद की आवश्यकता नहीं।

कांग्रेस से दूरी का फैसला

TMC के सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने ‘इंडिया’ गठबंधन में कांग्रेस के साथ सीट-बंटवारे के प्रस्तावों को ठुकरा दिया। पार्टी का मानना है कि गठबंधन से TMC को फायदा कम और नुकसान ज्यादा होगा। TMC सांसदों ने कहा, “हम विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए अपनी पार्टी की कीमत पर समझौता नहीं करेंगे।”

कांग्रेस ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ममता का यह “घबराहट” का नतीजा है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि दिल्ली चुनावों में वोट विभाजन से बीजेपी को फायदा हुआ, और बंगाल में भी ऐसा ही हो सकता है। हालांकि, TMC इसे अपनी ताकत का प्रमाण बताती है।

चुनावी पृष्ठभूमि

2021 विधानसभा चुनाव: TMC ने 215 सीटें जीतीं (48% वोट शेयर), बीजेपी को 77 सीटें मिलीं।

2024 लोकसभा चुनाव: TMC ने 29 सीटें जीतीं, बीजेपी को 12 पर सीमित किया।

2026 में चुनौतियां: बीजेपी संगठन मजबूत कर रही है, जबकि TMC पर ED जांच और राजनीतिक हमलों का दबाव है। ममता ने वोटर लिस्ट में हेराफेरी और ‘विदेशी’ नाम जोड़ने की आशंका जताई है।

यह फैसला ‘इंडिया’ गठबंधन में दरार को उजागर करता है। TMC का अकेले चुनाव लड़ना बंगाल की राजनीति को और रोमांचक बना सकता है, जहां मुख्य मुकाबला TMC और बीजेपी के बीच माना जा रहा है। ममता बनर्जी ने पार्टी को “दो-तिहाई बहुमत” का लक्ष्य दिया है, जो उनकी मजबूत पकड़ का संकेत है। स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं कि यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है।

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