गुजरात निकाय चुनाव: 15 महानगरपालिकाओं में भाजपा का ‘क्लीन स्वीप’, अहमदाबाद-राजकोट में प्रचंड बहुमत; कांग्रेस सिमटी
गुजरात निकाय चुनाव: 15 महानगरपालिकाओं में भाजपा का ‘क्लीन स्वीप’, अहमदाबाद-राजकोट में प्रचंड बहुमत; कांग्रेस सिमटी
अहमदाबाद: गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का अभेद्य किला बरकरार रहा है। राज्य की सभी 15 महानगरपालिकाओं में भाजपा ने भारी बहुमत के साथ सत्ता पर कब्जा जमाया है। सूरत, राजकोट, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों में भगवा लहर के बीच विपक्ष पूरी तरह हाशिए पर नजर आया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद आज शाम 5 बजे अहमदाबाद में भव्य विजयोत्सव का आयोजन किया गया है।
प्रमुख महानगरपालिकाओं के चुनावी आंकड़े
निकाय चुनावों के नतीजों ने भाजपा की पकड़ को और मजबूत कर दिया है:
अहमदाबाद: कुल 192 सीटों में से भाजपा ने 99 पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस महज 9 सीटों पर सिमट गई। ‘आप’ और AIMIM यहां खाता भी नहीं खोल सकीं।
राजकोट: भाजपा को यहां सबसे प्रचंड बहुमत मिला है। 72 सीटों में से भाजपा ने 65 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को केवल 7 सीटें मिलीं।
सूरत: 120 सीटों में भाजपा ने 75 पर कब्जा किया। यहां आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है, जो पिछली बार 27 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल बनी थी, इस बार उसे केवल 4 सीटें मिली हैं।
वडोदरा: 76 सीटों में से भाजपा ने 49 और कांग्रेस ने 6 सीटें जीती हैं।
कांग्रेस और ‘आप’ का प्रदर्शन
इन चुनावों में कांग्रेस दूसरे नंबर की पार्टी तो बनी रही, लेकिन उसकी सीटों की संख्या में भारी गिरावट आई है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए नतीजे निराशाजनक रहे हैं, खासकर सूरत में उसका आधार खिसकता नजर आया। हालांकि, नगरपालिकाओं और पंचायतों में कुछ स्थानों पर इन दोनों दलों को छिटपुट सफलता जरूर मिली है।
डभोई में कांग्रेस की सेंध, AIMIM की चौंकाने वाली एंट्री
जहाँ भाजपा का महानगरों में दबदबा रहा, वहीं कुछ ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में विपक्षी दलों ने चौंकाया है:
डभोई नगरपालिका: पूर्व सीएम चिमनभाई पटेल के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में कांग्रेस ने भाजपा को पटखनी दी है। यहाँ 36 सीटों में से कांग्रेस को 21 और भाजपा को 15 सीटें मिलीं।
AIMIM का उदय: असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने गुजरात के ग्रामीण इलाकों में शानदार दस्तक दी है। दिंद्रोल तालुका पंचायत सीट पर AIMIM के अब्बास अलीमद ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को हराकर जीत दर्ज की। सिद्धपुर पंथक में भी पार्टी का पहली बार खाता खुला है।
विजयोत्सव की तैयारी
भाजपा की इस बड़ी जीत के जश्न में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा शामिल होंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह जीत प्रधानमंत्री मोदी के विकास मॉडल और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर जनता की मुहर है।
निष्कर्ष: गुजरात निकाय चुनावों ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि शहरी मतदाता भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा है, जबकि कांग्रेस और ‘आप’ को अपनी जमीन बचाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।
