‘युवती को रौंदते सांड’ का वीडियो अखिलेश यादव ने किया शेयर: योगी सरकार पर सियासी हमला, ‘बुल और बुलडोजर दोनों का इलाज जनता करेगी’
‘युवती को रौंदते सांड’ का वीडियो अखिलेश यादव ने किया शेयर: योगी सरकार पर सियासी हमला, ‘बुल और बुलडोजर दोनों का इलाज जनता करेगी’
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार सुबह X (पूर्व ट्विटर) पर एक वायरल सीसीटीवी वीडियो शेयर किया, जिसमें लखनऊ के चौपटिया इलाके में एक आवारा सांड ने एक युवती को पैरों तले रौंद दिया और गंभीर रूप से घायल कर दिया। वीडियो में सांड लड़की पर सींग मारकर उसे गिराता है, फिर पैरों से कुचलता है। एक युवक ने बहादुरी से उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सांड ने उसे भी हमला किया। घटना में कुल 12 लोग घायल हुए।
अखिलेश यादव ने इस वीडियो के साथ तीखा संदेश लिखा:
“अगले चुनाव में जनता बुल और बुलडोजर दोनों का इलाज कर देगी। ये भाजपाई सत्ताधीश कभी अपनी सिक्योरिटी छोड़कर सड़क पर पैदल चलें तो यही सांड उन्हें हवा में उछाल देगा। 14 दिन में समस्या के समाधान का जुमला 14 साल में भी पूरा नहीं होगा। भाजपाई झूठ के सुपर स्टॉकिस्ट हैं। झूठ भाजपा की राजनीति की बुनियाद है। जिन्होंने अपना नागरिक धर्म निभाया और बच्ची को बचाया, वे सभी प्रशंसा के पात्र हैं। विशेष: ये AI जेनरेटेड नहीं है।”
सांड आतंक पर अखिलेश का पुराना हमला
अखिलेश यादव लंबे समय से उत्तर प्रदेश में आवारा सांडों और छुट्टा पशुओं की समस्या को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधते आए हैं। उन्होंने पहले भी कई वीडियो शेयर किए हैं, जैसे:
सांडों की आपसी लड़ाई से बाइक सवारों की दुर्घटना।
सड़कों पर ‘सांड अभयारण्य’ बनने का तंज।
‘सांड-राज’ का अंत करने की मांग।
इस बार वीडियो शेयर करने का मकसद योगी सरकार की ’14 दिनों में आवारा पशु समस्या खत्म’ वाली पुरानी घोषणा पर कटाक्ष करना है। अखिलेश का कहना है कि समस्या सालों से बनी हुई है और सरकार सिर्फ जुमले दे रही है। उन्होंने ‘बुल’ (सांड) को ‘बुलडोजर’ (योगी सरकार की कार्रवाई का प्रतीक) से जोड़कर राजनीतिक निशाना साधा।
घटना की डिटेल्स
स्थान: लखनऊ का रकाबगंज/चौपटिया इलाका।
क्या हुआ: सांड ने युवती को सींग मारे, गिराया और रौंदा। बचाने आए युवक को भी हवा में उछाला।
परिणाम: युवती गंभीर रूप से घायल, कुल 12 लोग प्रभावित।
वीडियो: सीसीटीवी फुटेज वायरल, अखिलेश ने इसे प्रमाणित कर शेयर किया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह घटना उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं के हमलों की बढ़ती संख्या को उजागर करती है, जहां पिछले कुछ महीनों में कई मौतें और घायल होने की घटनाएं हुई हैं। अखिलेश ने इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की है, जबकि भाजपा इसे ‘स्थानीय समस्या’ बताकर पल्ला झाड़ सकती है।
अखिलेश का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां समर्थक इसे सरकार की नाकामी बताते हैं, जबकि विरोधी इसे राजनीतिक ड्रामा कह रहे हैं। स्थिति पर सभी की नजर टिकी है कि योगी सरकार अब क्या कदम उठाती है।
