बलूचिस्तान में 40 घंटे की भयंकर जंग: बलोच बागियों के हमलों में 200 से ज्यादा मौतें, पाक आर्मी ने 145 विद्रोहियों को किया ढेर
बलूचिस्तान में 40 घंटे की भयंकर जंग: बलोच बागियों के हमलों में 200 से ज्यादा मौतें, पाक आर्मी ने 145 विद्रोहियों को किया ढेर
पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में शनिवार से शुरू हुई हिंसा ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक साथ 12 से ज्यादा स्थानों पर समन्वित (coordinated) हमले किए, जिसमें पुलिस थाने, जेल, पैरामिलिट्री ठिकाने और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। इन हमलों और उसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में कुल लगभग 200 लोगों की मौत हो चुकी है।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुग्टी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले 40 घंटों में सुरक्षा बलों ने 145 विद्रोहियों (मुख्य रूप से BLA लड़ाकों) को मार गिराया है। हमलों में 31 आम नागरिक और 17 सुरक्षाकर्मी मारे गए। BLA ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और दावा किया है कि उन्होंने पाकिस्तानी सेना के 84 से ज्यादा सैनिकों को मार गिराया, हालांकि पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
यह हमला BLA द्वारा ‘ऑपरेशन हेरोफ’ (Operation Herof) के नाम से चलाया गया, जो प्रांत के कई जिलों जैसे क्वेटा, सुलेमान और किर्थार रेंज में फैला हुआ था। हमलावरों ने सुसाइड बॉम्बिंग, ग्रेनेड अटैक और गोलीबारी का इस्तेमाल किया। कुछ रिपोर्टों में बैंक लूटने और वाहनों को आग लगाने की भी बात कही गई है।
पाकिस्तानी सेना ने तुरंत जवाबी ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें हेलिकॉप्टर और ग्राउंड फोर्सेस शामिल थीं। अधिकारियों ने इसे “दशकों में सबसे घातक दिन” बताया, जहां विद्रोहियों को भारी नुकसान हुआ। अल जजीरा और रॉयटर्स जैसी अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसे बलूच अलगाववाद की दशकों पुरानी लड़ाई में सबसे बड़ा और साहसी हमला करार दिया है।
बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी हिंसा का गढ़ रहा है, जहां BLA जैसी संस्थाएं स्वतंत्र बलूचिस्तान की मांग करती हैं। स्थानीय लोग संसाधनों के शोषण, जबरन गायब करने और मानवाधिकार उल्लंघनों का आरोप लगाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस हिंसा के पीछे अनसुलझे शिकायतें, क्षेत्रीय भू-राजनीति और प्रॉक्सी युद्ध हैं।
अभी भी कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पाकिस्तान सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ऐसे हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इस घटना से प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
