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बजट 2026: 2047 तक सेवा क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनने का लक्ष्य, AI के दौर में नौकरियां बचाने-बढ़ाने के लिए स्पेशल कमिटी का ऐलान

बजट 2026: 2047 तक सेवा क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनने का लक्ष्य, AI के दौर में नौकरियां बचाने-बढ़ाने के लिए स्पेशल कमिटी का ऐलान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पेश किए गए संघ बजट 2026-27 में सेवा क्षेत्र को विकसित भारत की रीढ़ बताते हुए बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को सेवा क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाना है, जिसमें वैश्विक सेवा निर्यात में 10% हिस्सेदारी हासिल की जाएगी।

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा, “सेवा क्षेत्र विकास, रोजगार और निर्यात का मुख्य इंजन बनेगा। हम ‘विकसित भारत’ के लिए सेवा क्षेत्र को कोर ड्राइवर बनाएंगे।” इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक हाई-पावर्ड ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ स्टैंडिंग कमिटी गठित करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह कमिटी सेवा क्षेत्र में विकास, रोजगार सृजन और निर्यात की संभावनाओं को ऑप्टिमाइज करने पर फोकस करेगी।

खासतौर पर AI और उभरती तकनीकों के दौर में नौकरियों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने के लिए कमिटी विशेष मास्टरप्लान तैयार करेगी। कमिटी AI के असर से नौकरियां कैसे प्रभावित होंगी, स्किल रिक्वायरमेंट्स क्या बदलेंगी और इन चुनौतियों से निपटने के लिए क्या नीतियां बनेंगी, इसकी सिफारिशें देगी। इसमें AI को शिक्षा पाठ्यक्रम में स्कूल स्तर से शामिल करने, टीचर ट्रेनिंग अपग्रेड और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स के लिए अपस्किलिंग-रिस्किलिंग के उपाय भी शामिल होंगे।

वित्त मंत्री ने जोर दिया कि AI न केवल नौकरियां छीनेगी, बल्कि नई संभावनाएं भी पैदा करेगी। सेवा क्षेत्र जैसे IT, फाइनेंस, टूरिज्म, हेल्थकेयर और अन्य में AI को इंटीग्रेट कर भारत को ग्लोबल हब बनाया जाएगा। इससे रोजगार बढ़ेगा, एक्सपोर्ट्स में उछाल आएगा और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।

यह कदम भारत को AI-ड्रिवन इकोनॉमी में मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जहां सेवा क्षेत्र पहले से ही GDP का बड़ा हिस्सा है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने इसे स्वागतयोग्य बताया, क्योंकि यह नौकरियों की सुरक्षा के साथ-साथ नए अवसरों पर फोकस करता है।

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