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गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार भैरव बटालियन: जानिए इसकी खासियत

गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार भैरव बटालियन: जानिए इसकी खासियत

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) पर कर्तव्य पथ की परेड में कई ऐतिहासिक पहलुओं के साथ भैरव बटालियन ने पहली बार शानदार हिस्सा लिया। यह भारतीय सेना की नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन (Bhairav Light Commando Battalion) है, जिसने दुश्मन के लिए “काल” जैसी हुंकार भरी और पूरे देश को गर्व महसूस कराया।

भैरव बटालियन की मुख्य खासियतें:

नवगठित और एलीट यूनिट: यह बटालियन 2025 में गठित की गई थी (कुछ रिपोर्ट्स में अक्टूबर 2025 में रेज्ड)। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 26 जुलाई 2025 (कारगिल विजय दिवस) पर इसका ऐलान किया था। यह सिख लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट की 4th भैरव लाइट कमांडो बटालियन के रूप में जानी जाती है।

स्पेशल फोर्स और रेगुलर इन्फेंट्री के बीच ब्रिज: पैरा SF, मार्कोस, गरुड़ कमांडोज से अलग, यह यूनिट स्पेशल ऑपरेशंस और कन्वेंशनल इन्फेंट्री के बीच गैप भरती है। क्विक डिप्लॉयमेंट, प्रिसिजन स्ट्राइक्स, अनकन्वेंशनल कॉम्बैट के लिए डिजाइन की गई है।

हंट एंड डोमिनेट रोल: इसका मोटो “Raised to hunt. Built to dominate” है। दुश्मन को बिना गोली चलाए भी युद्ध का पासा पलटने की क्षमता – यानी हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशंस में मास्टर।

खास ड्रेस और गियर: जवानों ने मल्टी-लेयर सूट्स, स्पेशल बूट्स और पोलराइज्ड सनग्लासेस पहने थे, जो हाई-टेरेन और हार्श वेदर के लिए बने हैं। चेहरे पर स्पेशल पेंट या मास्क जैसा लुक, जो उन्हें और भी intimidating बनाता है।

जयघोष और स्पिरिट: परेड में “निश्चय कर अपनी जीत करूँ” और “अभयम् भैरव” के जयघोष से पूरा कर्तव्य पथ गूंज उठा। “Sher-e-Jawan” कहे जाने वाले इन जवानों की दहाड़ ने दुश्मन को कांपने पर मजबूर कर दिया।

पहली बार परेड में: इससे पहले 15 जनवरी 2026 को आर्मी डे परेड (जयपुर) में डेब्यू किया था, लेकिन गणतंत्र दिवस पर यह पहला मौका था। यह परेड में कई “फर्स्ट्स” में से एक था – जैसे सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर, बैक्ट्रियन ऊंट आदि।

यह बटालियन भारतीय सेना की मॉडर्नाइजेशन और स्पेशलाइज्ड फोर्सेस की नई दिशा दिखाती है – तेज, घातक और डोमिनेंट। परेड में इनकी मार्चिंग देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया!

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