Republic Day 2026: उत्तराखंड में छपी थी संविधान की पहली कॉपी, सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून में आज भी सुरक्षित रखी गई है
Republic Day 2026: उत्तराखंड में छपी थी संविधान की पहली कॉपी, सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून में आज भी सुरक्षित रखी गई है
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जब पूरा देश संविधान की महिमा गा रहा है, तो उत्तराखंड का एक ऐतिहासिक योगदान फिर से याद आ रहा है। भारत के संविधान की पहली आधिकारिक प्रिंटेड कॉपी (Original Printed Copy) देहरादून के सर्वे ऑफ इंडिया (Survey of India) मुख्यालय में छपी थी। यह कॉपी आज भी उसी जगह पर सुरक्षित रखी गई है और इसे देश की अमूल्य धरोहर माना जाता है।
संविधान की पहली प्रिंटेड कॉपी का इतिहास:
संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया।
उस समय भारत में बड़े पैमाने पर प्रिंटिंग की सुविधा सीमित थी। इसलिए संविधान की मूल हस्तलिखित कॉपी (जो आज संसद में सुरक्षित है) के साथ-साथ पहली प्रिंटेड कॉपी छपवाने का जिम्मा सर्वे ऑफ इंडिया (देहरादून) को सौंपा गया।
देहरादून में सर्वे ऑफ इंडिया के प्रिंटिंग प्रेस में यह काम किया गया, क्योंकि वहाँ उच्च गुणवत्ता वाली प्रिंटिंग मशीनें और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध थी।
पहली प्रिंटेड कॉपी में हस्ताक्षर भी शामिल थे, और इसे 26 जनवरी 1950 को लागू होने से पहले तैयार किया गया था।
यह कॉपी अंग्रेजी में थी और उस समय की सबसे उन्नत प्रिंटिंग तकनीक से तैयार की गई थी।
आज कहाँ है यह कॉपी?
सर्वे ऑफ इंडिया मुख्यालय, देहरादून में एक सुरक्षित वॉल्ट (secure vault) में रखी गई है।
इसे राष्ट्रीय धरोहर माना जाता है और बहुत कम लोगों को ही देखने की अनुमति मिलती है।
उत्तराखंड सरकार और सर्वे ऑफ इंडिया इसे समय-समय पर विशेष प्रदर्शनियों में दिखाते हैं, लेकिन आमतौर पर यह गोपनीय और सुरक्षित रखी जाती है।
गणतंत्र दिवस 2026 पर विशेष महत्व:
इस साल जब कर्तव्य पथ पर परेड हो रही है, तो उत्तराखंड के लोगों में गर्व का भाव है कि संविधान की पहली प्रिंटेड कॉपी उनकी धरती पर छपी थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में कहा:
“उत्तराखंड न सिर्फ देवभूमि है, बल्कि भारत के संविधान की पहली प्रिंटेड कॉपी का जन्मस्थान भी है। यह हमारी गौरवशाली विरासत है।”
यह तथ्य गणतंत्र दिवस पर उत्तराखंड की ऐतिहासिक भूमिका को फिर से उजागर करता है। संविधान की यह कॉपी न सिर्फ कागज का एक दस्तावेज है, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का जीता-जागता प्रतीक है।
क्या आपको पता था कि संविधान की पहली प्रिंटेड कॉपी उत्तराखंड में छपी थी? कमेंट में बताएं!
